पठानकोट के धार में मूसलाधार बारिश से टूटी रिटेनिंग वॉल: बलेवा गांव में बारिश से घरों पर मंडराया खतरा, लोगों ने घटिया निर्माण और प्रशासनिक अनदेखी के लगाए आरोप – Pathankot News

पठानकोट के धार में मूसलाधार बारिश से टूटी रिटेनिंग वॉल:  बलेवा गांव में बारिश से घरों पर मंडराया खतरा, लोगों ने घटिया निर्माण और प्रशासनिक अनदेखी के लगाए आरोप – Pathankot News




धार ब्लॉक में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते रिटेनिंग वॉल (डंगे) टूटने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पंचायत अड़ेली के बाद अब धार ब्लॉक के अंतर्गत आते गांव बलेवा के वार्ड नंबर 3 से भी डंगा टूटने का मामला सामने आया है। डंगा गिरने के कारण पास बने मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिससे स्थानीय परिवारों में हादसे का खौफ बना हुआ है। घटना को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत और प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त किया है। घटिया निर्माण और प्रशासनिक अनदेखी के आरोप पीड़ित अशोक कुमार और कल्पना देवी ने अपनी आपबीती बताते हुए आरोप लगाया कि पंचायत द्वारा इस डंगे का निर्माण करीब 1-2 वर्ष पहले ही कराया गया था, लेकिन पहली-दूसरी बारिश के पानी का थपेड़ा भी यह बर्दाश्त नहीं कर सका और ढह गया। डंगा धंसने से उनके घरों की नीवों और दीवारों में खतरनाक दरारें आ गई हैं। इस संबंध में कई बार गांव की सरपंच और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, परंतु अभी तक मौके का मुआयना करने या मरम्मत कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी बारिश के दौरान डंगे की तुरंत मरम्मत नहीं करवाई गई और किसी का घर गिरता है या कोई जनहानि होती है, तो इसकी पूरी जवाबदेही पंचायत और स्थानीय प्रशासन की होगी। पुराने डंगे की रिपेयर की कई बार की शिकायत मामले पर गांव बलेवा की सरपंच काजल के पति विजय कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह डंगा काफी समय पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है। पंचायत की ओर से इसके पुनर्निर्माण/मरम्मत के लिए बीडीपीओ कार्यालय, धार को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वार्ड नंबर 3 के इस डंगे के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करवाने के लिए एक बार फिर से उच्च अधिकारियों से प्राथमिकता के आधार पर बात की जाएगी। प्रदर्शन और रोष जताने के दौरान पीड़ित परिवार के साथ गांव के अशोक कुमार, कल्पना देवी, आशा देवी, ऊषा देवी, पूजा, सत्या देवी, तृप्ता देवी, मीनाक्षी, रजत और बिधी चंद सहित अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे। सभी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू कराया जाए।



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