पंजाब 3 मामलों में SC आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान: चेयरमैन जसवीर ने दिए निर्देश , SSP-DC को नोटिस; 28 को मांगी रिपोर्ट – Chandigarh News

पंजाब 3 मामलों में SC आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान:  चेयरमैन जसवीर ने दिए निर्देश , SSP-DC को नोटिस; 28 को मांगी रिपोर्ट – Chandigarh News




पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने प्रदेश के तीन अलग-अलग मामलों में सख्त रुख अपनाया है। आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। आयोग ने तीनों मामलों में 28 जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। आयोग की ओर से बरनाला के एसएसपी, जालंधर ग्रामीण के एसएसपी और शहीद भगत सिंह नगर के डिप्टी कमिश्नर से जवाब मांगा गया है। यह है तीन मामले अब जानिए तीनों मामले 1. बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज बरनाला में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस लाठीचार्ज का मामला सामने आया था। आयोग ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए बरनाला के एसएसपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने पूछा है कि प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर बल प्रयोग करने की जरूरत क्यों पड़ी और इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। आयोग ने घटना से जुड़ी पूरी रिपोर्ट मांगी है। 2. फिल्लौर में SC समुदाय की युवती की हत्या का मामला दूसरा मामला जालंधर जिले के फिल्लौर क्षेत्र का है। यहां अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित युवती अनु की हत्या का मामला सामने आया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की ओर से मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। आयोग ने जालंधर ग्रामीण के एसएसपी से मामले की जांच की वर्तमान स्थिति, अब तक की गई कार्रवाई और कथित देरी के कारणों पर रिपोर्ट मांगी है। 3. सहूंगरा गांव के श्मशान घाट विवाद पर भी रिपोर्ट तलब तीसरा मामला शहीद भगत सिंह नगर जिले के गांव सहूंगरा का है। यहां श्मशान घाट को लेकर विवाद सामने आया था। आयोग ने इस मामले में जिले के डिप्टी कमिश्नर को नोटिस जारी कर पूरे विवाद की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग यह भी जानना चाहता है कि विवाद को सुलझाने के लिए प्रशासन की ओर से अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। 28 जुलाई तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने तीनों मामलों में संबंधित अधिकारियों को 28 जुलाई तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। आयोग का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद मामलों की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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