पंजाब में बिजली संकट पर किसान यूनियन का अल्टीमेटम: मांग पूरी न होने पर 6 तारीख को राज्यव्यापी एस.ई. दफ्तरों के घेराव की चेतावनी – Amritsar News
पंजाब में बिजली संकट को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष ने सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में अमृतसर में संगठन के नेताओं ने पावरकॉम के एस.ई. को मांग पत्र सौंपते हुए खेती के लिए नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। किसानों का कहना है कि लंबे समय से कृषि मोटरों और घरेलू उपभोक्ताओं को लगातार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जिससे धान की फसल पर गंभीर संकट पैदा हो गया है। संगठन के नेता पलविंदर सिंह माहल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह केवल अमृतसर का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में किसान संगठनों द्वारा बिजली अधिकारियों को मांग पत्र सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि धान का सीजन अपने चरम पर है, लेकिन पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण खेतों तक समय पर पानी नहीं पहुंच पा रहा। इसके चलते हजारों एकड़ में खड़ी धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि किसान कर्ज लेकर खेती करता है और अपनी फसल को परिवार के सदस्य की तरह संभालता है। यदि समय पर सिंचाई नहीं हुई तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इसी को देखते हुए संगठन ने सरकार और बिजली विभाग को 5 तारीख तक का अल्टीमेटम दिया है। 5 तारीख तक अल्टीमेटम, नहीं तो बड़े धरने की चेतावनी किसान नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 5 तारीख तक बिजली आपूर्ति नियमित नहीं की गई तो 6 तारीख को पूरे पंजाब में पावरकॉम के एस.ई. कार्यालयों के बाहर बड़े स्तर पर धरना और घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी सरकार और बिजली विभाग की होगी। सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर पलविंदर सिंह माहल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के उन दावों पर भी सवाल उठाए, जिनमें किसानों को 12 से 24 घंटे बिजली देने की बात कही जाती है। उनका कहना है कि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। कई इलाकों में किसानों को लगातार दो घंटे भी बिजली नहीं मिल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। किसान संगठन ने मांग की है कि सरकार तुरंत बिजली आपूर्ति को नियमित करे, ताकि धान की फसल को बचाया जा सके और किसानों को आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।
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