नशा तस्करों के खिलाफ खन्ना पुलिस का एक्शन: स्कूल-कॉलेजों के बाहर की कार्रवाई, पहली बार JJ एक्ट के तहत केस, 6 तस्कर गिरफ्तार – Ludhiana News
पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत खन्ना पुलिस ने स्कूलों और कॉलेजों के आसपास सक्रिय नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई की है। जिले में पहली बार एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के साथ-साथ किशोर न्याय (जुवेनाइल जस्टिस) अधिनियम, 2015 की धारा 77 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि बच्चों और किशोरों को नशे की गिरफ्त में धकेलने वालों के खिलाफ अब और सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक दिन में 5 एफआईआर, 6 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने एक दिन के विशेष अभियान के दौरान पांच एफआईआर दर्ज कीं, छह कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 21 ग्राम हेरोइन बरामद की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंजीत सिंह उर्फ रवि, विश्वप्रीत सिंह, कुलवीर सिंह, मनदीप सिंह, संजीव कुमार और अजीत सिंह के रूप में हुई है। स्कूलों के आसपास बेच रहे थे नशा
एसएसपी दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि चेक एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) के दौरान पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर सरकारी और निजी स्कूलों के आसपास नशा बेच रहे हैं। इसके बाद विशेष टीमें गठित कर निगरानी बढ़ाई गई। पुलिस ने आरोपियों को सरकारी स्कूल माछीवाड़ा साहिब, गुरुद्वारा चरण कंवल साहिब, सरकारी स्कूल उटालां, स्कूल ऑफ एमिनेंस खन्ना सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास से गिरफ्तार किया। पुलिस का आरोप है कि आरोपी स्कूल जाने वाले बच्चों और किशोरों को नशे का आदी बनाने की कोशिश कर रहे थे। पहली बार JJ एक्ट की धारा 77 का इस्तेमाल
इस कार्रवाई की सबसे अहम बात यह रही कि आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21, 61 और 85 के साथ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 77 भी लगाई गई। इस धारा के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी बच्चे को नशीले पदार्थ, मादक द्रव्य, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थ उपलब्ध कराता है या उपलब्ध कराने में मदद करता है, तो उसे सात वर्ष तक की कठोर कैद और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खन्ना संभवतः पंजाब का पहला जिला है, जहां स्कूलों के आसपास सक्रिय नशा तस्करों पर व्यवस्थित रूप से जुवेनाइल जस्टिस एक्ट लगाया गया है। इस मॉडल में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने भी रुचि दिखाई है और इसे अन्य जिलों में लागू करने पर विचार किया जा सकता है। दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी भी बनी आधार
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देशभर में बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को लेकर चिंता बढ़ रही है। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 77 का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने यह भी कहा था कि थिनर, करेक्शन फ्लूइड (व्हाइटनर) और वल्केनाइजिंग सॉल्यूशन जैसे पदार्थ भी यदि नाबालिगों को दिए जाते हैं तो उन्हें नशीले पदार्थ की श्रेणी में माना जाना चाहिए। तंबाकू बेचने वालों पर भी होगी कार्रवाई
एसएसपी दर्पण आहलूवालिया ने कहा कि अभियान केवल नशा तस्करों तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि अगले चरण में स्कूलों के आसपास तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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