जालंधर में BM3 ने DC को सौंपा ज्ञापन: फर्जी SC प्रमाण पत्रों पर रोक की मांग; जांच प्रक्रिया सख्त करने की अपील – Jalandhar News
जालंधर में भारतीय मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा (बीएम3) ने अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सख्त बनाने की मांग उठाई है। संगठन के प्रतिनिधियों ने इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। ज्ञापन में संगठन ने कहा कि फर्जी या गलत तरीके से प्राप्त किए जा रहे एससी प्रमाण पत्रों के मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। बीएम3 का कहना है कि ऐसे मामलों के कारण वास्तविक पात्र लोगों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। संगठन ने प्रशासन से अपील की कि अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करने से पहले सभी दस्तावेजों, वंशावली संबंधी रिकॉर्ड और अन्य सरकारी अभिलेखों की गहन जांच सुनिश्चित की जाए। संगठन के पदाधिकारी बोले- वास्तविक पात्र लोगों तक नहीं पहुंच रहा लाभ संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि फर्जी प्रमाण पत्रों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो आरक्षण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक नहीं पहुंच पाएगा। इससे सामाजिक न्याय की भावना भी प्रभावित होगी। उन्होंने मांग की कि किसी भी संदिग्ध या विवादित मामले में विस्तृत सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाए और जांच पूरी होने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। बीएम3 ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एससी प्रमाण पत्र प्राप्त करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन ने जिला प्रशासन से संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की, ताकि सभी आवेदन निर्धारित नियमों और पर्याप्त साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्वीकृत किए जाएं। संगठन ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे वास्तविक पात्र लोगों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
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