जालंधर में आज रवनीत बिट्टू ROB की रखेंगे नींव: गुरुनानक पुरा-गढ़ा रोड फाटक पर बनेंगे; 18 महीने डेडलाइट; सालभर ट्रैफिक डायवर्जन – Jalandhar News
रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू 24 जून को जालंधर में 2 रोड ओवरब्रिज की सौगात देंगे। गुरु नानक पुरा और बस स्टैंड फाटक पर 112 करोड़ की लागत से आरओबी बनाने का नींव पत्थर रखेंगे। दोपहर 3 बजे और शाम 4 बजे नींव पत्थर रखने का कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर ठीक 3 बजे गुरु नानक पुरा क्रॉसिंग के पास स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या बी-67-ए से होगी, जहां पहले रोड ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद शाम 4 बजे बस स्टैंड के पास स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या एस-4 पर दूसरे ओवर ब्रिज की आधारशिला रखी जाएगी। इन दोनों व्यस्त रूटों पर ओवर ब्रिज का निर्माण होने से जालंधर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़े सुधार की उम्मीद है। इससे स्थानीय जनता और बस स्टैंड आने-जाने वाले यात्रियों को ट्रेनों की आवाजाही के दौरान लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। रेलवे ने शिलान्यास को लेकर तैयारियां शुरू कीं
उत्तर रेलवे की रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट यूनिट ने सोमवार से ही दोनों जगह पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुरक्षा और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। गुरु नानकपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाला आरओबी लगभग 49 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस पुल को नुकीले पिलर्स पर तैयार किया जा रहा है ताकि सड़क के दोनों ओर मौजूद दुकानों और मकानों को किसी प्रकार का नुकसान या असुविधा न हो। आरोबी बनाने के लिए 18 महीने की डेडलाइन
पिम्स अस्पताल और बस स्टैंड के नजदीक स्थित गढ़ा रोड रेलवे फाटक पर 63 करोड़ रुपए की लागत से ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इस व्यस्त फाटक पर काम शुरू करने के लिए अगले 15 दिनों में भारी मशीनों की स्थापना कर दी जाएगी और मुख्य निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा। ये दोनों ही आरओबी दोनों तरफ लगभग 500-500 मीटर लंबे होंगे, जिन्हें पूरी तरह तैयार करने के लिए 18 महीने का समय निर्धारित किया गया है। आधुनिक तकनीक से बनने वाले इन पुलों पर पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटपाथ और रेलिंग भी बनाई जाएगी। दोनों फाटकों पर अगले एक साल तक रहेगा ट्रेफिक डायवर्जन
निर्माण कार्य के चलते लगभग एक साल से ज्यादा समय तक लोगों को वैकल्पिक मार्गों और ट्रैफिक डायवर्जन का सामना करना पड़ेगा। पहले चरण में लाडोवाली रोड की ओर से आने वाली एक लेन को बंद कर फाउंडेशन का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद ट्रैफिक को काजी मंडी, बशीरपुरा, कमल विहार, सूर्या एन्क्लेव और रामा मंडी की ओर डायवर्ट किया जाएगा। इसके साथ ही बस स्टैंड से गढ़ा की ओर जाने वाले वाहन चालक कूल रोड और पिम्स अस्पताल के सामने वाले मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। कूल रोड, 66 फीट रोड के लिए विकल्प गढ़ा और आसपास के गांवों से शहर आने वाले लोगों के लिए कूल रोड, 66 फीट रोड और फोलड़ीवाल मार्ग वैकल्पिक विकल्प होंगे, जिसके लिए रेलवे और ट्रैफिक पुलिस मिलकर विशेष ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू करेंगे। इन दोनों ओवर ब्रिज के बन जाने से रोजाना यहां से गुजरने वाले विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और आम जनता को बंद फाटकों पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी।
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