चंडीगढ़ बिल्डिंग हादसl- डिप्टी कमिश्नर से रिपोर्ट तलब: मानवाधिकार आयोग: लिया सुओ मोटू, पुरानी इमारतों की होगी जांच, NDRF को सूचना में देरी पर सवाल – Chandigarh News
चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 प्लॉट नंबर 28/9 में शनिवार को इमारत गिरने से दो लोगों की मौत के मामले में पंजाब स्टेट एंड चंडीगढ़ यूटी ह्यूमन राइट्स कमीशन ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने मामले का सुओ मोटू लेते हुए चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर से 5 अगस्त तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सोमवार को आयोग की फुल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए रिपोर्ट तलब की। बेंच में जस्टिस संत प्रकाश, जस्टिस गुरबीर सिंह और सदस्य जितेंद्र सिंह शंटी शामिल रहे। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में एक इमारत ढहने से तरुण जैन और तरुण कौशिक की मौत हो गई थी। दोनों ने कुछ दिन पहले ही इस इमारत को लीज पर लिया था। कोर ग्रुप ने किया निरीक्षण घटना के अगले दिन मानवाधिकार आयोग की चंडीगढ़ कोर ग्रुप टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और विस्तृत जांच शुरू की। टीम की रिपोर्ट फुल बेंच के समक्ष पेश किए जाने के बाद आयोग ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया। आयोग ने कहा कि जांच केवल इस हादसे तक सीमित नहीं रहेगी। यह भी देखा जाएगा कि शहर की अन्य पुरानी और जर्जर इमारतें कहीं भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण तो नहीं बन सकतीं। घटनास्थल पर सीएफएसएल की टीम ने भी पहुंचकर सैंपल जुटाए। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हादसा निर्माण संबंधी खामियों, संरचनात्मक कमजोरी, रखरखाव में लापरवाही या इमारत की अधिक उम्र की वजह से हुआ। NDRF को सूचना देने में देरी पर उठे सवाल हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य के दौरान एनडीआरएफ को सूचना देने में देरी को लेकर भी सवाल उठे। घटना वाले दिन मीडिया ने चंडीगढ़ प्रशासन की सिविल डिफेंस टीम का नेतृत्व कर रहे अधिकारी संजीव कोहली से मीडिया ने पूछा कि एनडीआरएफ को सूचना कब दी गई। उन्होंने बताया कि घटना के करीब आधे घंटे बाद सूचना भेज दी गई थी। हालांकि मीडिया ने सवाल उठाया कि यदि हादसा शाम करीब 4:15 बजे हुआ था, तो एनडीआरएफ की टीम 7:30 बजे के बाद मौके पर क्यों पहुंची। इस पर अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। बाद में मौके पर मौजूद चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि सभी एजेंसियां मिलकर राहत कार्य में जुटी थीं, लेकिन एनडीआरएफ के पहुंचने में हुई देरी के सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया।
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