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- Moga AAP MLA Amandeep Kaur Arora ED Raid | Punjab News Update
मोगा से आम आदमी पार्टी (AAP) की महिला MLA डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के पश्चात ED की टीम ने फिरोजपुर के जीरा में सस्पेंडेड पटवारी के घर रेड की है। यह पटवारी पहले मोगा में ही तैनात था। इसके पश्चात उसे फ्रॉड के केस में अरेस्ट किया गया था।
ED की टीम ने उसके घर के बाहर CRPF तैनात कर दी है। किसी को भी अंदर-बाहर आने-जाने की परमिशन नहीं है। पटवारी का AAP की विधायक से क्या कनेक्शन है, इसको लेकर अभी हालत साफ नहीं हुई है।
वहीं विधायक अरोड़ा के 7 ठिकानों पर बुधवार सुबह 6 बजे से अभी तक रेड चल रही है। ED सोर्सेज के अनुसार ये रेड नेशनल हाईवे नंबर 754A के निर्माण हेतु अधिगृहित सरकारी जमीन के कथित फर्जी इंतकाल और मुआवजा घोटाले से जुड़े मामले में की जा रही है।
हाल ही में जमानत पर छूटा पटवारी जिस पटवारी नवदीप सिंह के घर गुरूवार सुबह ED टीम ने रेड की, वह मोगा के धर्मकोट में तैनात रह चुका है। उसके खिलाफ 16 जून 2024 को धर्मकोट थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था।
तब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद राजस्व विभाग ने उसे निलंबित कर दिया था। नवदीप सिंह पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप हैं। गिरफ्तारी के पश्चात वह फरीदकोट जेल में बंद था। 7 जुलाई 2026 को जमानत मिलने के पश्चात वह जेल से बाहर आया था।
विधायक के घर से चिकित्सालय तक 7 ठिकानों पर रेड
ED की टीमों ने मोगा में विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के घर की तलाशी ली। इसके साथ ही डोसांझ रोड स्थित मॉडल कॉलोनी के कैंप कार्यालय और जीटी रोड स्थित आइकॉन हाइट्स के एक फ्लैट को भी जांच के दायरे में लिया गया। खन्ना के नजदीक लिबड़ा ग्राम में विधायक के ननिहाल से जुड़े ठिकाने पर भी टीम पहुंची।
बाघापुराना स्थित आशीर्वाद नशा मुक्ति और पुनर्वास चिकित्सालय में भी तलाशी की सूचना सामने आई है। इस अस्पताल का रिश्ते विधायक के पति डॉ. राकेश अरोड़ा से जानकारी दी गया है। इसके साथ ही उनके पति से जुड़े अन्य परिसर और परिवार के सदस्यों व करीबियों से संबंधित एक अन्य ठिकाने पर भी कार्रवाई की गई।
सरकारी जमीन का फर्जी इंतकाल कर मुआवजा लेने का आरोप इस पूरे मामले की शुरुआत पंजाब पुलिस की 16 जून 2024 को धर्मकोट थाने में दर्ज FIR से हुई थी। मामला मोगा जिले के आदरमान गांव की सरकारी जमीन से जुड़ा है। इल्जाम है कि नेशनल हाईवे-754A के निर्माण हेतु जमीन अधिग्रहण के बीच राजस्व रिकॉर्ड में कथित तौर पर फर्जी इंतकाल तैयार किया गया। इसके आधार पर सरकारी जमीन को निजी जमीन दर्शाकर मुआवजे की रकम हासिल की गई।
इस प्रकरण में निजी लाभार्थी दिलखुश कुमारी को करीब 1 करोड़ 65 हजार 724 रुपये का मुआवजा जारी किया गया था। बाद की छानबीन में संबंधित जमीन पंजाब सरकार की पाई गई। इल्जाम है कि तत्कालीन तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव किया गया था। मोहाली की फॉरेंसिक साइंस लैब की जांच में भी दस्तावेजों पर मौजूद हस्ताक्षर कथित तौर पर फर्जी पाए गए।
लिबड़ा गांव में मोबाइल फोन कब्जे में लेने की चर्चा रेड के बीच ED की टीमों ने संबंधित परिसरों में दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों की छानबीन की। खन्ना के लिबड़ा ग्राम स्थित ठिकाने से मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए गए हैं।
जांच एजेंसी कथित मनी ट्रेल का पता लगाने और मुआवजे की रकम कहां-कहां पहुंची, इसकी सूचना जुटाने में लगी है। हालांकि, अब तक ED की ओर से नकदी, सोना या किसी अन्य संपत्ति की बड़ी बरामदगी को लेकर आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता विधायक के आवास के बाहर एकत्रित होकर केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की थी। फाइल फोटो
विधायक के आवास के बाहर किया था AAP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन
ED की कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विधायक के आवास के बाहर एकत्रित होकर केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की थी। AAP नेताओं और विधायक के समर्थकों ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया।
उल्लेखनीय है कि AAP ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 हेतु जारी अपनी पहली प्रत्याशी सूची में डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा को दोबारा मोगा से प्रत्याशी घोषित किया है। ऐसे में चुनाव से पहले हुई ED की इस कार्रवाई ने पंजाब की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि तलाशी के बीच ED को क्या अहम दस्तावेज और सबूत मिलते हैं एवं जांच में आगे क्या कार्रवाई होती है।
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Source: Dianik Bhaskar







