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- Pathankot Dhol Mata Temple Dispute | Villagers Demand Action Against Demolition
पठानकोट के निकटवर्ती गांव धीरा स्थित प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक ढोल माता मंदिर परिसर के सामने बनी करीब 80 वर्ष पुरानी बरमी को तोड़ने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस धार्मिक स्थल को क्षति पहुंचाए जाने से नाराज ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में गहरा रोष व्याप्
मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुवार को ग्राम धीरा के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल एसपी सिटी जगदीश राज और थाना डिवीजन नंबर-2 के प्रभारी से मिला और उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपकर पूरी घटना की जानकारी दी।
लोगों ने स्पष्ट किया कि प्राचीन ढोल माता मंदिर से हजारों लोगों की आस्था जुड़ी है। अगर बरमी तोड़ने वालों पर कार्रवाई न हुई तो वे थाने के बाहर धरना देने और रोड जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे।
देश के विभाजन से पूर्व का है एतिहासिक मंदिर
ग्रामीणों ने जानकारी दी कि ढोल माता मंदिर राष्ट्र के विभाजन (1947) से भी पूर्व का एक ऐतिहासिक और आस्था का केंद्र है। इस मंदिर में हर साल विशाल जागरण, महाशिवरात्रि और नाग पंचमी के अवसर पर दूर-दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालु नतमस्तक होने पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं का आरोप है कि मंदिर के ठीक सामने बनी लगभग 80 वर्ष पुरानी प्राचीन बरमी को गांव के ही एक स्थानीय परिवार द्वारा बिना ग्रामीणों और मंदिर कमेटी की सहमति या अनुमति के मनमाने ढंग से तोड़ दिया गया, जिससे पूरे इलाके के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
पुलिस की ढीली कार्रवाई पर जताई नाराजगी
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि घटना वाले दिन ही आपातकालीन पुलिस हेल्पलाइन 112 पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और हालत का जायजा भी लिया, किंतु इसके पश्चात भी मामले में कोई उचित या ठोस कानूनी कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले अनेक दिनों से संबंधित थाना प्रभारी को लगातार शिकायतें देने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ ढिलाई बरती जा रही है।
कार्रवाई न होने पर सड़क पर उतरेंगे ग्रामीण, करेंगे चक्का जाम
मीटिंग के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस और जिला प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र से शीघ्र आरोपियों के खिलाफ पर्चा दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई न की गई, तो ग्राम के लोग एकजुट होकर उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने साफ किया कि वे मंदिर के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे और प्रमुख राजमार्ग पर चक्का जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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Source: Dianik Bhaskar







