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IT रूल बदलेंगे- निर्देश नहीं माने तो सेफ हार्बर खत्म: अब हर कंटेंट के लिए सोशल मीडिया कंपनियां ही जिम्मेदार; डेटा डिलीट नहीं कर सकेंगे

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IT रूल बदलेंगे- निर्देश नहीं माने तो सेफ हार्बर खत्म:  अब हर कंटेंट के लिए सोशल मीडिया कंपनियां ही जिम्मेदार; डेटा डिलीट नहीं कर सकेंगे


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नई दिल्ली11 घंटे पहलेलेखक: मुकेश कौशिक

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केंद्र सरकार ने आईटी नियमन- 2021 में बदलाव का नया मसौदा जारी कर दिया है। इससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सरकारी निर्देशों की अनदेखी नहीं कर सकेंगे। उन्हें निर्देश, गाइडलाइन, एडवाइजरी माननी ही होगी। यदि वो ऐसा नहीं करते हैं तो संबंधित डिजिटल मीडिया कंपनियां सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराई जाएंगी।

इससे इन कंपनियों को सेफ हार्बर के तहत मिलने वाली कानूनी ढाल खत्म कर दी जाएगी। आईटी नियमों में सबसे अहम बदलाव यह है कि प्लेटफॉर्म अपने यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए हर कंटेंट के लिए खुद जिम्मेदार होंगे। फिलहाल 14 अप्रैल तक सरकार ने इस मसौदे पर सार्वजनिक सुझाव, आपत्तियां मांगी हैं।

डिलीट नहीं कर सकेंगे डेटा

  • नए नियमों के मुताबिक, यदि किसी अन्य कानून के तहत डेटा सुरक्षित रखना जरूरी है तो प्लेटफॉर्म उसे डिलीट नहीं कर सकेंगे। वित्त, टैक्स या जांच से जुड़े मामलों को सुरक्षित रखना होगा।
  • अभी डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड सिर्फ न्यूज पब्लिशर्स पर लागू होता था, लेकिन सोशल मीडिया पर न्यूज या करंट अफेयर्स पोस्ट करने वाले यूजर भी इसके दायरे में होंगे।
  • सरकार किसी भी कंटेंट से जुड़े मामले को सीधे समीक्षा कमेटी के पास भेज सकती है। इसके लिए किसी की शिकायत का इंतजार करना जरूरी नहीं होगा।

सेफ हार्बर’ को आसान भाषा में ऐसे समझें

कानूनी ढाल: यह सोशल मीडिया कंपनियों को मिला एक सुरक्षा कवच है, जो कहता है कि अगर किसी यूजर ने प्लेटफॉर्म पर कोई गलत पोस्ट या वीडियो डाला है, तो उसके लिए कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा।

शर्तिया सुरक्षा: यह सुरक्षा तभी तक मिलती है जब तक कंपनियां सरकार के नियमों को मानती हैं। अगर वे शिकायत मिलने पर 3 घंटे के भीतर SGI नहीं हटातीं, तो यह सुरक्षा कवच खत्म हो जाता है और पुलिस कंपनी पर भी केस दर्ज कर सकती है।

इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन ने कहा- सरकार सेंसरशिप लगा रही

आईटी नियमों में बदलाव का विरोध शुरू हो गया है। इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन ने आरोप लगाया है कि सरकार ऑनलाइन कंटेंट पर सेंशरशिप लगाना चाहती है। इसका मकसद सरकार पर तंज कसने, मखौल उड़ाने, नकल करने वाले कंटेंट पर अंकुश लगाना है। सरकार सेफ हार्बर पर चोट करके आम यूजर्स पर नकेल कसना चाह रही है।

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AI कंटेंट पर लेबल जरूरी, आज से नए नियम लागू: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को डीपफेक फोटो-वीडियो 3 घंटे में हटाने होंगे

अगर कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो एआई की मदद से बनाया गया है, तो उस पर ‘लेबल’ लगाना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शिकायत मिलने के महज 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू हुए। 10 फरवरी को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ था। पूरी खबर पढ़ें…

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