पंजाब में SIR के चलते ट्रांसफर पर रोक: BLO और सेक्टर सुपरवाइजर की ड्यूटी निभा रहे स्टाफ के तबादले नहीं, DTF का विरोध – Mohali News

पंजाब में SIR के चलते ट्रांसफर पर रोक:  BLO और सेक्टर सुपरवाइजर की ड्यूटी निभा रहे स्टाफ के तबादले नहीं, DTF का विरोध – Mohali News



पंजाब शिक्षा विभाग का ट्रांसफर काे लेकर बड़ा फैसला लिया गया।

पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग (सेकेंडरी) ने राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और नॉन-टीचिंग स्टाफ की जनरल ट्रांसफर प्रक्रिया के बीच आदेश जारी किया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि जिन भी शिक्षकों, कंप्यूटर फैकल्टी या गैर-शिक्षण कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव

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इस प्रक्रिया के दौरान उनका तबादला नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ ही विभाग ने सभी स्कूल प्रिंसिपल और डीडीओ. (DDO) को आज ही यानी 19 जून 2026 को शाम 6:00 बजे तक हर हाल में कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी का डेटा ऑनलाइन वेरिफाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

हालांकि डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) पंजाब ने मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब की ओर से जारी उस पत्र का कड़ा विरोध किया है, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के दौरान चुनावी ड्यूटी से जुड़े शिक्षकों, कंप्यूटर फैकल्टी और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

एसआईआर का दिया है हवाला

दफ्तर डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन द्वारा जारी पत्र के अनुसार, मुख्य चुनाव अफसर, पंजाब के निर्देशों (SIR पीरियड) के तहत चुनाव कार्य से जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का ट्रांसफर भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की मंजूरी के बिना नहीं किया जा सकता। इसी आदेश को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है।

डीईओ होंगे जिम्मेदार

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की हिदायतों को देखते हुए इस काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी प्रकार की चूक या देरी के लिए संबंधित स्कूल मुखिया और DDO निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे। जिला शिक्षा अफसरों (D.E.O.) को भी इस पूरे डेटा को समय पर तस्दीक करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नए स्थान पर भी जारी रखी जा सकती है चुनावी ड्यूटी

डीटीएफ नेताओं ने कहा कि यदि कोई शिक्षक BLO या सेक्टर सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत है तो उसकी चुनावी ड्यूटी नए स्थान पर भी जारी रखी जा सकती है या वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। इसलिए चुनावी ड्यूटी का हवाला देकर तबादलों पर पूर्ण रोक लगाना उचित नहीं है।



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