पठानकोट कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर 22 जून से हड़ताल पर: CHO यूनियन ने लंबित मांगों पर सरकार को दी चेतावनी, 2 जुलाई को सीएम का करेंगे घेराव – Pathankot News
पठानकोट में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ) यूनियन ने हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते कहा है कि यदि उनकी लंबित मांगें नहीं मानी गईं तो पंजाब भर के सीएचओ 22 जून से हड़ताल पर चले जाएंगे। जिला पठानकोट में सीएचओ यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक जिला प्रधान विमुक्त शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
जिसमें यह निर्णय लिया गया। विमुक्त शर्मा ने बताया कि कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
2 साल से युनियन की मांगें लंबित
युनियन नेताओं ने कहा कि पिछले दो वर्षों से उनकी जायज मांगें लंबित पड़ी हैं और विभाग की ओर से लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। बढ़ते कार्यभार और लंबित मांगों को लेकर विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
यूनियन नेताओं के अनुसार, 15 जून को एमडी, एनएचएम के साथ हुई बैठक में 5 से 7 दिनों के भीतर समाधान का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, यह आश्वासन पूरा नहीं हुआ। विमुक्त शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि 21 जून तक नए इंसेंटिव परफॉर्मेंस सिस्टम को वापस नहीं लिया गया और अन्य मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो 22 जून से सभी सीएचओ ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्य बंद कर देंगे। इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जिले में सिविल सर्जन कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
1 जुलाई तक ब्लॉक स्तर पर आंदोलन
उन्होंने आगे कहा कि यदि इसके बावजूद भी विभाग ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को 1 जुलाई तक ब्लॉक स्तर पर जारी रखा जाएगा। 2 जुलाई को मुख्यमंत्री के आवासीय स्थान संगरूर का घेराव किया जाएगा। यूनियन की प्रमुख मांगों में अन्य राज्यों के मुकाबले कम वेतन को बढ़ाना, 5000 की आबादी के आधार पर मासिक एवं वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करना, तीन एवं पांच वर्ष का लॉयल्टी बोनस, समान काम के लिए समान वेतन, कैडर मंजूरी, नियमितीकरण तथा इंसेंटिव मर्जर जैसी मांगें शामिल हैं।
बैठक में डॉ. अस्मिता, डॉ. राहुल, डॉ. साहिल, डॉ. रोहित, डॉ. सचिन, डॉ. संजय, डॉ. प्रियंका, सीएचओ दीपाली, सीएचओ नीतू सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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