लुधियाना की मानवी ICII के रिजल्ट में सिटी टॉपर: ऑल इंडिया 38वें रैंक लेकर लहराया परचम; रिंकू और तनवीर ने भी गाड़े झंडे – Ludhiana News

लुधियाना की मानवी ICII के रिजल्ट में सिटी टॉपर:  ऑल इंडिया 38वें रैंक लेकर लहराया परचम; रिंकू और तनवीर ने भी गाड़े झंडे – Ludhiana News


इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की ओर से वीरवार को घोषित किए गए सीए फाइनल (CA Final) के नतीजों में लुधियाना के होनहारों ने अपनी कामयाबी का डंका बजाया है। मई महीने में आयोजित की गई इस बेहद कठिन परीक्षा में लुधियाना जिले से कुल 338

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लुधियाना शाखा के चेयरमैन सीए विकास गोयल ने परीक्षा पास करने वाले सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। शहर की मानवी ने 600 में से 415 अंक हासिल कर लुधियाना में पहला स्थान (सिटी टॉपर) और ऑल इंडिया में 38वां रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है।

वहीं, तनवीर कौर ने 409 अंकों के साथ शहर में दूसरा और ऑल इंडिया 44वां रैंक पाया है। रिंकू कुमार ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए 408 अंकों के साथ ऑल इंडिया 45वां रैंक हासिल किया है।

मानवी।

सफलता की दास्तान: जानिए कैसे पूरा हुआ इन सितारों का सीए बनने का ख्वाब

सिटी टॉपर मानवी: शौक-शौक में सोचा सीए कर के देखते हैं, 13 घंटे पढ़ाई कर पाई ऑल इंडिया 38वीं रैंक सिटी टॉपर मानवी की सफलता की कहानी बेहद दिलचस्प है। एक साधारण किराना दुकान चलाने वाले की बेटी मानवी ने कभी दबाव में आकर पढ़ाई नहीं की। पिता की करियाना (किराना) की दुकान है और मां हाउसवाइफ हैं। मानवी ने बताया कि कॉमर्स बैकग्राउंड होने के बावजूद उनका कोई तय प्लान नहीं था कि सीए ही करना है।

उन्होंने बस शौक-शौक में सोचा कि चलो एक बार सीए की परीक्षा देकर देखते हैं। लेकिन जब तैयारी शुरू की, तो पूरे समर्पण के साथ रोजाना 12 से 13 घंटे पढ़ाई की। मानवी के मुताबिक, दूसरे पेपर में उन्हें थोड़ी दिक्कत जरूर आई थी और मन में डर भी था, लेकिन कड़ी मेहनत के दम पर वह पेपर भी बहुत अच्छा रहा और नतीजा आज सबके सामने है।

तन्वी कौर माता पिता के साथ केक कट किया

तन्वी कौर माता पिता के साथ केक कट किया

तनवीर कौर (AIR 44): बुआ की बेटी की शादी और भाई का रोका छोड़ा, 30% तक ली AI की मदद शहर में दूसरा और देश में 44वां रैंक हासिल करने वाली तनवीर कौर ने सीए बनने के लिए अपनी खुशियों और पारिवारिक समारोहों तक का त्याग कर दिया। तनवीर के पिता म्यूचुअल फंड का काम करते हैं और मां हाउसवाइफ हैं। तनवीर ने बताया कि उन्होंने कॉलेज में एडमिशन ले लिया था, लेकिन बीकॉम में मात्र एक महीना लगाने के बाद ही उन्होंने सीए करने का मन बनाया।

जब उन्होंने अपने दिल की बात घर वालों को बताई, तो पूरे परिवार ने उन्हें पूरा सपोर्ट किया। परीक्षा की तैयारी के दौरान तनवीर के घर में बुआ की शादी थी, लेकिन उन्होंने पढ़ाई के लिए शादी में न जाने का कड़ा फैसला लिया। इतना ही नहीं, पेपरों के दौरान सगे कजिन भाई का रोका (सगाई) था, वे वहां भी शामिल नहीं हुईं। रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई करने वाली तनवीर ने अपनी तैयारी में लगभग 30% मदद AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से ली।

रिंकू का मुँह मीठा करवाते हुए रिंकू की माता

रिंकू का मुँह मीठा करवाते हुए रिंकू की माता

रिंकू कुमार (AIR 45): फैक्ट्री सुपरवाइजर के बेटे ने रचा इतिहास, दोस्त के साथ 11वीं में जो कसम खाई थी, आज पूरी हुई। ऑल इंडिया 45वां रैंक हासिल करने वाले रिंकू कुमार की कामयाबी इस बात का सबूत है कि अगर पक्का इरादा हो, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती। रिंकू के पिता एक फैक्ट्री में सुपरवाइजर हैं और मां घरेलू महिला हैं। सीमित आय के बावजूद परिवार ने रिंकू की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।

रिंकू ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दोस्त को भी दिया। उन्होंने बताया कि 11वीं कक्षा में दोनों दोस्तों ने एक साथ सीए बनने का फैसला किया था। दोनों ने साथ मिलकर रोजाना 12 से 13 घंटे कड़ी मेहनत की और आज दोनों ने एक साथ इस कठिन परीक्षा को पास कर अपनी दोस्ती का फर्ज निभाया है।

रिंकू ने बताया कि अपनी तैयारी को मजबूत करने के लिए उन्होंने तकनीक का सहारा लिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से पढ़ाई में बहुत मदद ली।



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