पटियाला में महिला आयोग ने 42 से अधिक शिकायतें सुनीं: कई में FIR के आदेश; डिंपल केस पर कहा- चरित्र पर सवाल गलत – Patiala News
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की नवनियुक्त चेयरपर्सन विजया किशोर रहाटकर ने पटियाला में आयोजित एक विशेष महिला जनसुनवाई कार्यक्रम में शिरकत की। इस जनसुनवाई के दौरान पटियाला जिले और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचीं पीड़ित महिलाओं ने आयोग के समक्ष अपनी व्यथा रखी। कार्यक्रम में कुल 42 से अधिक गंभीर शिकायतों पर मौके पर ही सुनवाई की गई, जिनमें मुख्य रूप से घरेलू हिंसा, दुष्कर्म, आत्महत्या के लिए उकसाने और महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़े अन्य संवेदनशील मामले शामिल थे। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, तुरंत FIR के निर्देश शिकायतों की समीक्षा करने के बाद चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने कुछ मामलों में स्थानीय पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर गहरी असंतुष्टि और नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कई मामलों में पुलिस का रवैया संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके परिणामस्वरूप, रहाटकर ने मौके पर ही उपस्थित और संबंधित पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाते हुए लंबित मामलों में तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई अमल में लाने के सख्त निर्देश जारी किए। डिंपल हत्याकांड: “किसी को भी महिला के चरित्र पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं” चर्चित डिंपल हत्याकांड के संबंध में पूछे गए सवाल पर चेयरपर्सन ने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले की विस्तृत केस फाइल और जानकारी अपने साथ राष्ट्रीय मुख्यालय लेकर जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस जांच में कोई भी कानूनी या तकनीकी पहलू छूटा हुआ पाया गया, तो आयोग पुलिस प्रशासन को पुन: विस्तृत और निष्पक्ष जांच के निर्देश देगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी पीड़ित महिला या बेटी के चरित्र पर उंगली उठाने या सवाल खड़े करने का अधिकार किसी भी व्यक्ति या संस्था को नहीं है। समाज और तंत्र को महिलाओं के प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार अपनाना चाहिए। उनके दुख-दर्द को बांटने के बजाय उन पर असंवेदनशील टिप्पणियां करना बेहद निंदनीय है। एक बेटी का दुनिया से जाना अपूरणीय क्षति है और आयोग की पूरी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। लुधियाना से नाबालिग लड़कियों के लापता होने पर लिया संज्ञान लुधियाना जिले से लगातार नाबालिग लड़कियों के लापता होने के गंभीर विषय पर भी चेयरपर्सन ने अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस मामले की संवेदनशीलता और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा ‘राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग’ (NCPCR) को तत्काल एक आधिकारिक पत्र लिखा गया है। पत्र के माध्यम से इस पूरे घटनाक्रम पर त्वरित ध्यान देने और बच्चियों की सकुशल बरामदगी के लिए उचित व कड़े कदम उठाने के लिए कहा गया है। हरियाणा महिला आयोग की नई चेयरपर्सन से उम्मीदें हरियाणा महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन रेणु भाटिया के इस्तीफे और उसके बाद उपजे घटनाक्रम से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए विजया रहाटकर ने बताया कि वहां अब नई चेयरपर्सन की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त चेयरपर्सन पूरी निष्ठा के साथ महिलाओं के कल्याण, उनके अधिकारों की रक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए धरातल पर प्रभावी ढंग से कार्य करेंगी।
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