चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस को मथुरा-वृंदावन तक चलाएं: मेयर ने केंद्रीय रेलवे मंत्री को लिखा पत्र, चार घंटे तक रेल दिल्ली में खड़ी रहती है – Chandigarh News

चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस को मथुरा-वृंदावन तक चलाएं:  मेयर ने केंद्रीय रेलवे मंत्री को लिखा पत्र, चार घंटे तक रेल दिल्ली में खड़ी रहती है – Chandigarh News




चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस को मथुरा-वृंदावन तक चलाने की मांग को लेकर चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी आगे आए हैं। उन्होंने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को बाकायदा एक पत्र लिखकर इस प्रस्ताव पर जल्द से जल्द विचार करने का आग्रह किया है। मेयर सौरभ जोशी ने अपने पत्र में कहा है कि चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस दोपहर करीब 3:15 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंच जाती है। वापसी की यात्रा शुरू करने से पहले यह ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन पर करीब 4 घंटे तक खड़ी रहती है। अगर इस खाली समय का सही इस्तेमाल किया जाए, तो ट्रेन आसानी से मथुरा-वृंदावन का चक्कर लगाकर वापस दिल्ली आ सकती है। इससे रेलवे के संसाधनों का भी पूरा इस्तेमाल होगा। मेयर द्वारा लिखे पत्र की कॉपी श्रद्धालुओं को क्यों है इसकी जरूरत? 3 बड़े कारण नो चेंज, नो टेंशन: अभी चंडीगढ़ और आसपास के राज्यों से मथुरा-वृंदावन जाने वाले श्रद्धालुओं को या तो दिल्ली में ट्रेन बदलनी पड़ती है या फिर सड़क मार्ग से लंबा सफर तय करना पड़ता है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह काफी थकाऊ होता है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: हर साल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ से लाखों की संख्या में श्रद्धालु श्रीकृष्ण की नगरी जाते हैं। सीधी ट्रेन होने से पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होगा। समय और पैसे की बचत: शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेन के विस्तार से सफर न सिर्फ आरामदायक होगा, बल्कि समय की भी बड़ी बचत होगी। “भगवान कृष्ण की भूमि के लिए सीधी और आरामदायक कनेक्टिविटी” मेयर ने कहा कि इस विस्तार से देश के सबसे प्रतिष्ठित तीर्थ स्थलों में से एक के लिए सीधी, आरामदायक और समय की बचत करने वाली कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही मौजूदा रेलवे संसाधनों का भी अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा। मुझे उम्मीद है कि रेलवे बोर्ड जनहित में इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा। अब इस संबंध में रेलवे को फैसला लेना है मेयर के इस प्रस्ताव के बाद अब गेंद रेलवे मंत्रालय और रेलवे बोर्ड के पाले में है। अगर रेलवे इस रूट की व्यवहार्यता (Feasibility Study) को हरी झंडी दे देता है, तो आने वाले दिनों में चंडीगढ़ और आसपास के लोगों का मथुरा-वृंदावन जाना बेहद आसान हो जाएगा। स्थानीय निवासियों और धार्मिक संगठनों ने मेयर की इस पहल का स्वागत किया है।



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