Home Bharat हाईकोर्ट में पेंडिंग जमानत याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित: कहा- जल्द...

हाईकोर्ट में पेंडिंग जमानत याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित: कहा- जल्द सुनवाई के लिए ऑटोमैटिक लिस्टिंग सिस्टम बने, तय समय में हो फैसला

4
0
हाईकोर्ट में पेंडिंग जमानत याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित:  कहा- जल्द सुनवाई के लिए ऑटोमैटिक लिस्टिंग सिस्टम बने, तय समय में हो फैसला


  • Hindi News
  • National
  • Supreme Court Concerned Over Pending Bail Petitions | Auto Listing System Demand
नई दिल्ली29 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में जमानत याचिकाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि जमानत मामलों की जल्दी सुनवाई और फैसला करने के लिए मजबूत व्यवस्था बनानी जरूरी है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि इसके लिए पेंडिंग बेल याचिकाओं की ऑटोमैटिक लिस्टिंग का सिस्टम तैयार किया जाए और मामलों के निपटारे की तय समय सीमा भी होनी चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट, राज्य सरकारें और जांच एजेंसियां मिलकर ऐसा सिस्टम तैयार करें, जिससे जमानत मामलों का समय पर फैसला हो सके। उसका मकसद किसी हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि व्यवस्था को और बेहतर बनाना है।

कोर्ट ने याद दिलाया कि संविधान का अनुच्छेद 21 हर व्यक्ति के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा की गारंटी देता है। इस प्रक्रिया में पीड़ितों के अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने पेंडिंग जमानत याचिकाओं की जानकारी मांगी थी

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से पेंडिंग नियमित और अग्रिम जमानत याचिकाओं की जानकारी मांगी थी। कोर्ट ने पूछा था कि याचिका कब दाखिल हुई, उसकी सुनवाई कब हुई और फैसले की क्या स्थिति है।

कोर्ट ने कहा कि ज्यादातर हाईकोर्ट ने जरूरी आंकड़े दे दिए हैं। कई जगहों पर पेंडिंग मामलों को तेजी से निपटाने की कोशिश भी शुरू कर दी गई हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेंडिंग जमानत याचिकाओं की संख्या को बहुत ज्यादा बताया। कोर्ट ने कहा कि वहां के जज हर दिन सैकड़ों मामलों की सुनवाई कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पेंडिंग मामलों का दबाव काफी अधिक बना हुआ है।

कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और प्रशासनिक समिति को सुझाव दिया कि जमानत याचिकाओं की सुनवाई के लिए पहले से तय तारीख देने की व्यवस्था बनाई जाए।

कोर्ट बोला- पीड़ितों को सुनवाई में शामिल करें

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नशीले पदार्थों (NDPS) के कानून से जुड़े मामलों में FSL रिपोर्ट समय पर मिलना बहुत जरूरी है। जांच अधिकारियों की जिम्मेदारी भी अहम होती है, खासकर पीड़ितों से जुड़े मामलों में। जांच अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पीड़ितों को सुनवाई में शामिल होने और कानूनी मदद लेने का पूरा मौका मिले।

यह मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। इससे पहले 4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट सभी राज्यों को जमानत मामलों के जल्द निपटारे में हाईकोर्ट की मदद करने का निर्देश दे चुका है।

देश के हाईकोर्ट में करीब 63 लाख मामले पेंडिंग

सरकार की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में 90,897 मामले, देश के 25 हाईकोर्ट में 63,63,406 मामले और निचली अदालतों में 4,84,57,343 मामले पेंडिंग हैं। यह आंकड़े 8 दिसंबर 2025 तक के हैं। हालांकि जमानत याचिकाओं के सटीक डेटा उपलब्ध नहीं है। दक्ष डेटाबेस के मुताबिक देश के हाईकोर्ट में हर साल लगभग 4 से 4.30 लाख से ज्यादा जमानत याचिकाएं दायर की जाती हैं।

—————————-

ये खबर भी पढ़ें…

देश में 5.50 करोड़ केस कोर्ट में पेंडिंग, इनमें निचली अदालतों में 4.84 करोड़ केस

केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि देशभर की अदालतों में कुल 5.49 करोड़ से अधिक केस पेंडिंग हैं। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक लिखित उत्तर में कहा कि सुप्रीम कोर्ट से लेकर निचली अदालतों तक लंबित मामलों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

    Previous articleInternational envoy for Bosnia who clashed with Serb leader to step down
    Next articleSridhar Vembu’s Zoho To Consider Work From Home Policy After PM Modi’s Appeal

    Leave a Reply