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सवाई मान सिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के न्यू आरडी हॉस्टल में MBBS फाइनल ईयर के स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया। उसने शनिवार तड़के 8वें फ्लोर पर फंदा लगा लिया। सुसाइड की वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
परिवार ने सवाल खड़े किए कि यूजी के स्टूडेंट को पीजी के हॉस्टल में एंट्री कैसे दी गई।
नितिन यादव (22) 20 दुकान (नायला हाउस) के पास 4 दोस्तों के साथ किराए के फ्लैट में रहता था। उसका आज (शनिवार) फोरेंसिक मेडिसिन का पेपर था।
एसएमएस थाना प्रभारी राजेश शर्मा ने बताया- नितिन अपने दोस्तों के साथ एसके मेनन हॉस्टल (यूजी) में पढ़ने पहुंचा था। वहां से रात करीब 2 बजे अपने फ्लैट पर जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद छात्र ने 2.45 बजे न्यू आर डी हॉस्टल (पीजी) में पहुंचा।
नीतिन के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। नीतिन के वॉट्सएप पर तीन मैंसेज मिले, जो उसने खुद को ही भेजे थे। उसमें लिखा था, ‘मुझे माफ करना मैं तुम सबको छोड़ कर जा रहा हूं। कृपया मेरे माता-पिता को बता देना, मैनें काफी समय से उनसे बात नहीं की। उनका सामना नहीं कर पा रहा था। लेकिन यह करना जरूरी था, हम सबके लिए यही बेहतर है।

शुक्रवार देर रात करीब 2.45 बजे न्यू आर डी हॉस्टल में नितिन यादव दिखा था।
सीसीटीवी में हॉस्टल में घूमता दिखा
नितिन यादव सीसीटीवी में 2.51 बजे तक सातवीं मंजिल पर दिखा। 3.15 बजे तक छात्र सीसीटीवी में दिखाई दिया। जिस 8वीं मंजिल पर छात्र ने फंदा लगाया, वहां सीसीटीवी नहीं था।
महिला गार्ड ने सुबह साढ़े 5 बजे छात्र को फंदे से लटका देखा। सुबह साढ़े 6 बजे पुलिस को सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर पुलिस ने पहुंचकर एफएसएल की टीम की मौजूदगी में छात्र को फंदे से उतरवाया।
उसके पस किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसके पास से पुलिस को एक स्मार्ट फोन और लैपटॉप मिला है। हॉस्टल स्टाफ का कहना है कि छात्र लैपटॉप बैग में खुद रस्सी लेकर आया था।

SMS मेडिकल कॉलेज के न्यू आरडी हॉस्टल की 8वीं मंजिल पर युवक ने सुसाइड किया।
हॉस्टल की पांचवीं, छठी और सातवीं मंजिल पर छात्राएं रहती हैं
नितिन ने जिस हॉस्टल में सुसाइड किया उसकी दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर छात्र रहते हैं। वहीं, पांचवीं, छठी और सातवीं मंजिल पर छात्राएं रहती हैं। 8वीं मंजिल पर छत है।

पिता कमांडो, तीन साल से एमबीबीएस कर रहा
नितिन यादव अलवर का रहने वाला था। पिता अर्जुन सिंह बीएसएफ में कमांडो हैं और पश्चिम बंगाल में तैनात है। वे छुट्टियों पर घर आ रहे थे और ट्रेन में ही उन्हें बेटे की मौत की सूचना मिली।
उन्होंने कहा- नीतिन बहादुर और होनहार था। उन्हें यकीन नहीं की बेटा ऐसा कर सकता है। यदि उसने मुझसे अपनी समस्या साझां की होती तो शायद मैं उसका हल निकाल सकता।
उनके दो बेटे हैं। इनमें नितिन छोटा बेटा था। पिछले तीन साल से वह जयपुर में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था।
नितिन के मामा अमृत ने बताया- नितिन एमबीबीएस में थर्ड ईयर का छात्र था। पढ़ाई में कोई परेशानी न हो इसके चलते उसने दो दिन से घर पर भी फोन पर बात नहीं की थी।
मामा बोले- वो आत्महत्या नहीं कर सकता
अमृत ने नितिन की आत्महत्या पर सवाल उठाते हुए कहा- नितिन बेहद समझदार और प्रतिभाशाली बच्चा था। वो आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता।








