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अब बार-बार ओटीपी से राहत: पूरे देश में पब्लिक वाई-फाई का एक पासवर्ड; देश में 4 लाख हॉट स्पॉट, ट्राई ने सुझाव मांगे

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अब बार-बार ओटीपी से राहत:  पूरे देश में पब्लिक वाई-फाई का एक पासवर्ड; देश में 4 लाख हॉट स्पॉट, ट्राई ने सुझाव मांगे


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नई दिल्ली9 मिनट पहलेलेखक: गुरुदत्त तिवारी

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देश भर में फैले 4 लाख हॉटस्पॉट पर एक ही ओटीपी या पासवर्ड से लॉगिन किया जा सकेगा। प्रतिकात्मक इमेज

सरकार पीएम-वाणी की विफलता से सबक लेते हुए एक नया और एडवांस पब्लिक वाई-फाई सिस्टम लाने की तैयारी कर रही है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यूजर अनुभव को बेहतर बनाना और डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाना है।

अब यूजर्स को हर हॉटस्पॉट के लिए अलग ओटीपी की जरूरत नहीं होगी। देश भर में फैले 4 लाख हॉटस्पॉट पर एक ही ओटीपी या पासवर्ड से लॉगिन किया जा सकेगा। दूरसंचार नियामक (ट्राई) ने इसका परामर्श-पत्र जारी करके लोगों से सुझाव मंगाए हैं।

सार्वजनिक वाई-फाई को सुरक्षित बनाने के लिए ‘वाई-फाई प्रोटेक्टेड एक्सेस 3’ जैसे मानक लागू होंगे। इससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी सुरक्षित यूपीआई और डिजिटल पेमेंट के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कवर मिलेगा।

पेपर के अनुसार, मौजूदा वाई फाई सिस्टम इसलिए नहीं चला क्योंकि यह यूजर की जरूरत नहीं बन पाया। साथ ही ऑपरेटर की कमाई नहीं बनी।

एडवांस पब्लिक वाई-फाई सिस्टम से जुड़ी 6 जरूरी सवाल

  1. क्या सेवा फ्री होगी- यह नेटवर्क बेसिक इस्तेमाल के लिए फ्री होगा। हालांकि, जो लोग हाई-स्पीड इंटरनेट चाहते हैं, उनके लिए छोटे रिचार्ज वाउचर्स से ‘पेड वाई-फाई’ का विकल्प होगा।
  2. कैसे फायदेमंद होगा- स्टेशन/बाजार जैसे इलाकों में मोबाइल नेटवर्क पर बहुत दबाव रहता है, जिससे पेमेंट अटक जाते हैं। पब्लिक वाई-फाई इस ट्रैफिक को संभाल लेगा, जिससे इंटरनेट स्पीड बेहतर मिलेगी।
  3. ऑपरेटरों के लिए क्या- नए मॉडल में कंपनियां विज्ञापन दिखाकर या डेटा एनालिटिक्स के जरिए कमाई कर सकेंगी। सरकार उन्हें आर्थिक मदद भी देगी ताकि उन्हें नुकसान न उठाना पड़े।
  4. डेटा एनालिटिक्स का इसमें क्या रोल है- कंपनियों को पता होगा कि कहां, किस तरह के विज्ञापन दिखाने हैं और कहां लोग पैसा खर्च करके तेज इंटरनेट चाहते हैं।
  5. निजी-सरकारी कंपनियां क्या मिलकर काम करेंगी- हां, भारत नेट (सरकारी) और प्राइवेट फाइबर लाइनों का साझा इस्तेमाल होगा, जिससे नेटवर्क का जाल तेजी से बिछाया जा सके।
  6. डिजिटल इंडिया के लिए ये क्यों जरूरी है- मोबाइल नेटवर्क अकेले बढ़ती डेटा डिमांड नहीं संभाल सकते। शिक्षा, ऑनलाइन इलाज जैसी सेवाएं सभी तक पहुंचाने को मजबूत वाई-फाई जरूरी है।

सस्ते इंटरनेट से डिजिटल इंफ्रा मजबूत होगा

बीएसएनएल के पूर्व चेयरमैन अरुण श्रीवास्तव के मुताबिक यह न केवल कनेक्टिविटी की गुणवत्ता सुधारता है, बल्कि सस्ता इंटरनेट उपलब्ध कराकर डिजिटल इंफ्रा को भी मजबूत करता है, खासकर उन लोगों के लिए जो महंगे डेटा प्लान नहीं ले सकते।

उन्होंने कहा कि वाई-फाई हाई-डेटा उपयोग जैसे वीडियो, क्लाउड और एआई आधारित सेवाओं के लिए बेहतर विकल्प प्रदान करता है। ई-गवर्नेंस जैसी सेवाओं तक पहुंच के लिए भी ये आवश्यक है।

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अमेजन ने नया फीचर लॉन्च किया है, जिसमें यूजर प्रोडक्ट के बारे में सवाल पूछकर बातचीत भी कर सकते हैं। कंपनी ने अपने फीचर Hear the Highlights में नया Join the Chat विकल्प जोड़ा है। इसकी मदद से यूजर किसी प्रोडक्ट की ऑडियो समरी सुनते समय टेक्स्ट या आवाज में सवाल पूछ सकते हैं। उदाहरण के तौर पर यूजर पूछ सकता है कि क्या यह कॉफी मशीन बच्चों के लिए ठीक है? एआई प्रोडक्ट डिटेल, कस्टमर रिव्यू और उपलब्ध जानकारी से जवाब देता है। पूरी खबर पढ़ें…

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