मोहाली मेयर को विधायक पिता का मिला फायदा: पार्षदों का समर्थन नहीं जुटा पाए अहलूवालिया, अनुभव भी बना समाना की ताकत – Mohali News
मोहाली नगर निगम चुनाव में सरबजीत सिंह समाना मेयर चुने गए हैं। हालांकि शुरुआत में इस पद के लिए कई दावेदार बताए जा रहे थे, लेकिन समाना को उनके विधायक पिता, उनके अनुभव और पार्षदों के बीच मजबूत पकड़ का सीधा फायदा मिला। यही वजह रही कि आम आदमी पार्टी के 27 पार्षदों और एक विधायक के वोट होने के बावजूद उनके समर्थन में 35 पार्षदों ने हाथ खड़े किए। उन्हें अपनी ही पार्टी में सबसे बड़ी चुनौती संगठन से जुड़े और पंजाब वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सनी अहलूवालिया से थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने आखिरकार समाना को ही मेयर पद का उम्मीदवार चुना। सदन में आम आदमी पार्टी के पास पूर्ण बहुमत था और पार्टी का मेयर बनना तय था। इसके बावजूद चुनाव प्रक्रिया के दौरान पंजाब आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा खुद मौके पर मौजूद रहे। 3 पॉइंट में जानिए सरबजीत की मजबूत दावेदारी नगर परिषद में भी प्रधान रह चुके हैं कुलवंत मेयर चुने गए सरबजीत के पिता और मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह मोहाली नगर परिषद में भी पार्षद रह चुके हैं। पहली बार वह 1995 में नगर परिषद मोहाली के पार्षद चुने गए थे। इसके बाद 2000 में दूसरी बार पार्षद बने और उन्हें नगर परिषद का प्रधान भी बनाया गया। यह रहीं सनी अहलूवालिया की कमजोरी डॉ. सनी अहलूवालिया भले ही पार्टी संगठन और शीर्ष नेताओं के साथ जुड़े हुए हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर वह पार्षदों के बीच मजबूत पकड़ नहीं बना पाए। उन्होंने पहली बार मोहाली नगर निगम का चुनाव लड़ा। भले ही उन्हें जीत मिली, लेकिन स्थानीय पार्षद उनके मेयर बनने के समर्थन में नहीं दिखे।
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