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राइटर मधु किश्वर दो नोटिस के बाद नहीं हुई पेश: हैदराबाद से एक गिरफ्तार, फर्जी वीडियो किया वायरल, चंडीगढ़ पुलिस-साइबर सेल ने झाड़ा पल्ला – Chandigarh News

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राइटर मधु किश्वर दो नोटिस के बाद नहीं हुई पेश:  हैदराबाद से एक गिरफ्तार, फर्जी वीडियो किया वायरल, चंडीगढ़ पुलिस-साइबर सेल ने झाड़ा पल्ला – Chandigarh News




फेमस राइटर मधु किश्वर को चंडीगढ़ पुलिस द्वारा इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन करने के लिए दूसरा नोटिस दिया जा चुका है, लेकिन वह अब तक पेश नहीं हुईं। वहीं इस मामले में कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए फर्जी वीडियो प्रसारित करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी के रूप में हुई है, जो हैदराबाद (तेलंगाना) का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी वीडियो प्रसारित कर लोगों को गुमराह कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर उसे ट्रेस कर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी को आज अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने एक दिन का रिमांड हासिल किया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराएं 66(C), 66(D), 67 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 196, 318, 336(1), 336(3), 336(4), 340, 353 और 356 के तहत मामला दर्ज है। समाज में भ्रम फैलाया गया दरअसल, मधु किश्वर समेत अन्य लोगों पर चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाने में 20 अप्रैल को ही एक शिकायत पर FIR दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने एक वीडियो को गलत पहचान के साथ वायरल किया और उसमें अश्लील व भ्रामक शब्द जोड़कर पेश किया। इससे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छवि खराब करने की कोशिश की गई और समाज में भ्रम फैलाया गया। एक-दूसरे पर झाड़ रही पुलिस पल्ला राइटर मधु किश्वर व अन्य के खिलाफ पुलिस स्टेशन-26 में 19 अप्रैल 2026 को आईटी एक्ट की धाराएं 66(C), 66(D), 67 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 196, 318, 336(1), 336(3), 336(4), 340, 353 और 356 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसकी जानकारी चंडीगढ़ पुलिस ने खुद मीडिया को प्रेस रिलीज भेजकर दी थी। उसके बाद जब मीडिया द्वारा थाना-26 पुलिस से मामले संबंधी पूछा गया तो उनका जवाब था कि इस मामले में उनके पुलिस स्टेशन में सिर्फ DDR दर्ज हुई है और जांच साइबर सेल कर रहा है। जब साइबर सेल इंचार्ज से बात की गई तो उन्होंने भी कहा कि उनके पास तो केस ही दर्ज नहीं हुआ, तो जांच कैसे कर सकते हैं। उनके पास इस केस की जांच नहीं है। चंडीगढ़ पुलिस रात में दिल्ली पहुंची दिल्ली में मधु किश्वर के दफ्तर में उनके और पुलिस अधिकारियों के बीच बात हुई। इस दौरान मधु किश्वर ने कहा कि न उनकी तरफ से कोई दुर्भावना थी और न दूसरी तरफ से। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस से पूछा कि क्या वह स्थानीय पुलिस के साथ नहीं आए हैं? इस पर चंडीगढ़ से आई महिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम साथ आई है। मधु किश्वर ने इस टीम को कानून का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के घर पर सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले पुलिस न तो आ सकती है और न ही उन्हें अरेस्ट कर सकती है। उन्होंने इस मुद्दे पर पुलिस टीम के सीनियर अधिकारी से भी बात की तो उसने बताया कि ये टीम चंडीगढ़ में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में सिर्फ नोटिस देने आई है। इस पर उन्होंने कहा कि कानून का पालन करते हुए दिन में आना चाहिए। मधु किश्वर के मुताबिक, दोनों पक्षों ने शालीनता और शिष्टाचार बनाए रखा। जैसे ही उन्हें एफआईआर की कॉपी मिलेगी, वह चंडीगढ़ में दर्ज इस केस में शामिल होंगी। 3 पॉइंट में जानिए पूरा मामला भ्रामक पोस्ट-क्लिप शेयर की जा रही: दरअसल, 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी का एक फर्जी और भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। इसे लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने लेखिका मधु किश्वर के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस की एक टीम देर रात उनको नोटिस देने पहुंची थी। यह मामला सेक्टर-26 पुलिस स्टेशन चंडीगढ़ में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत दर्ज हुआ है। SHO बोले- राइटर पर शेयर करने का आरोपः सेक्टर 19 चंडीगढ़ की SHO सरिता रॉय ने कहा कि 19 अप्रैल को सेक्टर 26 पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज की गई है। यह एक वीडियो से जुड़ी है, जिसे एक्स पर पोस्ट किया गया था। मधु किश्वर पर इसे रीपोस्ट करने का आरोप है। हम उन्हें 35.3 BNSS का नोटिस देने आए थे। उन्हें पुलिस स्टेशन में पेश होने का नोटिस दिया गया है। अश्लील शब्द यूज किए, नुकसान पहुंचाने का मकसद: शिकायतकर्ता के अनुसार, यह सब जानबूझकर किया गया, जिसमें अश्लील शब्दों का उपयोग करते हुए झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किए गए हैं। आरोप है कि संबंधित लोगों को यह जानकारी थी या उन्हें विश्वास करने का पर्याप्त कारण था। उनका उद्देश्य किसी की छवि को नुकसान पहुंचाना है।



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