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भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में 33% महिलाएं होंगी: संसदीय बोर्ड से सचिव स्तर तक फॉर्मूला लागू; राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 100 से ज्यादा महिलाओं को जगह

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भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में 33% महिलाएं होंगी:  संसदीय बोर्ड से सचिव स्तर तक फॉर्मूला लागू; राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 100 से ज्यादा महिलाओं को जगह


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नई दिल्ली16 घंटे पहलेलेखक: सुजीत ठाकुर

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नितिन नवीन जनवरी 2026 में भाजपा के पूर्ण अध्यक्ष चुने गए थे।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में अब 33% महिला पदाधिकारी शामिल होंगी। यह फॉर्मूला संसदीय बोर्ड से लेकर सचिव स्तर तक लागू होगा। राज्यों में भी यही व्यवस्था अपनाई जाएगी। संगठन महासचिव की निगरानी में इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

संसद में नारी वंदन विधेयक पास न होने के बाद भाजपा ने अन्य दलों को महिला विरोधी बताने का रुख अपनाया है। ऐसे में संगठन के भीतर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी माना जा रहा है।

फिलहाल संसदीय बोर्ड में सिर्फ एक महिला सदस्य है। महासचिव स्तर पर कोई महिला नहीं है, जबकि उपाध्यक्ष और सचिव पदों पर भी संख्या कम है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में महिलाओं की हिस्सेदारी 10% से भी कम है।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 100 से ज्यादा महिलाएं होंगी

तय फॉर्मूले के मुताबिक, 12 सदस्यीय संसदीय बोर्ड में 4 महिलाएं होंगी। 7 महासचिव पदों में से 2, 12 उपाध्यक्ष पदों में से 4 और 11 राष्ट्रीय सचिव पदों में से 3 महिलाओं को दिए जाएंगे।

पार्टी के एक सीनियर नेता के मुताबिक, इस बार राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 100 से ज्यादा महिलाओं को जगह मिलेगी। फिलहाल इसमें कुल 396 सदस्य हैं।

सुषमा स्वराज की अध्यक्षता में समिति बनी थी

2007 में भाजपा अध्यक्ष रहते हुए राजनाथ सिंह ने संगठन में 33% महिलाओं को जगह देने के लिए सुषमा स्वराज की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी। तब यह सवाल उठा था कि 33% हिस्सेदारी पदों के हिसाब से दी जाए या कुल पदाधिकारियों में महिलाओं की संख्या 33% रखी जाए।

16 अप्रैल को 54 वोट से बिल गिरा था

लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई थी। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था।

लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई थी। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया। पूरी खबर पढ़ें…

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