लुधियाना के तविश गोयल की जेईई-एडवांस में 504वीं रैंक: सलाह: स्टूडेंट्स एआई, चैट-जीपीटी जैसे टूल्स को स्टडी से दूर रखें, फोकस होकर स्टडी करें – Ludhiana News

लुधियाना के तविश गोयल की जेईई-एडवांस में 504वीं रैंक:  सलाह: स्टूडेंट्स एआई, चैट-जीपीटी जैसे टूल्स को स्टडी से दूर रखें, फोकस होकर स्टडी करें – Ludhiana News




आईआईटी (IIT) में दाखिले के लिए देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा ‘जेईई एडवांस’ का परिणाम घोषित हो गया है। इस परीक्षा में लुधियाना के तविश गोयल ने ऑल इंडिया 504वीं रैंक हासिल कर लुधियाना का नाम रोशन किया है, वहीं उनकी सहपाठी बरनाज कौर ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 1017वीं रैंक प्राप्त की है। अपनी शानदार सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए तविश गोयल ने कहा, “मैं और मेरे माता-पिता बेहद खुश हैं। पिछले दो साल की कड़ी मेहनत का फल आज मिल गया है।” परीक्षा के स्तर पर बात करते हुए तविश ने बताया कि एग्जाम बेशक मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं। अगर कोई छात्र रोजाना 7 से 8 घंटे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करता है, तो वह इस परीक्षा को आसानी से पास कर सकता है। तविश ने जूनियर छात्रों को सलाह दी कि यदि जेईई में सफलता हासिल करनी है, तो दो साल के लिए दोस्तों और सोशल मीडिया से दूरी बनानी होगी और पूरा फोकस सिर्फ पढ़ाई पर रखना होगा। भविष्य में रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले तविश ने प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को एक बेहद अहम सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कंपीटिशन की तैयारी और पढ़ाई में एआई (AI), गूगल, चैट जीपीटी या अन्य डिजिटल टूल्स का सहारा बिल्कुल न लें। इनके बजाय अपने सीनियर्स और टीचर्स की मदद लें। टीचर्स जो समझाते हैं, उसे याद रखना और समझना ज्यादा आसान होता है। तविश के पिता पेशे से डॉक्टर हैं और उनकी माता अस्पताल का मैनेजमेंट संभालती हैं। तविश ने अपनी दोस्त बरनाज कौर के साथ मिलकर स्टडी की थी। तविश ने 11वीं कक्षा में आए नए छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, बस धैर्य के साथ आगे बढ़ें। बरनाज कौर ने हासिल की 1017वीं रैंक, कहा- ‘स्टडी में ब्रेक घातक’ 1017वीं रैंक हासिल करने वाली बरनाज कौर ने अपनी सफलता का श्रेय लगातार की गई पढ़ाई को दिया। बरनाज ने बताया कि मेहनत से ज्यादा सही दिशा में स्टडी पर फोकस करने की जरूरत है। आपको बिना रुके लगातार पढ़ाई करनी होगी। अगर पढ़ाई एक बार ब्रेक हो गई, तो उस लय को दोबारा हासिल करने में बहुत समय लग जाता है। बरनाज, जिनके पिता एक शिक्षक हैं और माता गृहणी हैं, ने बताया कि सफलता में घर के माहौल का बहुत बड़ा योगदान होता है। उन्होंने रोजाना 8 से 9 घंटे पढ़ाई की। बरनाज ने छात्रों को सलाह दी कि इंटरनेट के बजाय किताबों और प्रामाणिक स्टडी मटेरियल पर ही भरोसा रखें। पूरे दिन कमरे में बंद रहना जरूरी नहीं है, बल्कि जितने घंटे भी पढ़ें, पूरे फोकस के साथ पढ़ें।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *