हिमाचल प्रदेश में शिमला जिला के मशहूर पर्यटन स्थल नारकंडा और कुफरी समेत लाहौल स्पीति के ऊंचे पहाड़ों पर सुबह 6 बजे के बाद बर्फबारी शुरू हुई। इससे पहले, पूरे प्रदेश में रात भर तेज बारिश हुई। कई जगह तूफान भी चला। मौसम विभाग ने आज भी पांच जिलों में ओलावृष्टि और तूफान का ऑरेंज अलर्ट दे रखा है। बारिश व बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड लौट आई है। पहाड़ों पर लोग सर्दी के गर्म कपड़े निकालने को मजबूर हो गए है। राज्य के कई शहरों का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदू के आसपास पहुंच गया है। बीते 24 घंटे में प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान भी सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरा है। बर्फबारी के बाद इसमे और गिरावट आएगी। ऊना के अधिकतम तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 9.2 डिग्री की गिरावट आने के बाद पारा 23.6 डिग्री सेल्सियस रह गया है। सोलन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से 9.1 डिग्री कम होने के बाद 23.6 डिग्री, कांगड़ा का 6.1 डिग्री लुढ़कने के बाद 26 डिग्री, सुंदरनगर का 5.6 डिग्री कम होने के बाद 23.3 डिग्री सेल्सियस रह गया है। 3 जगह जमाव बिंदू के आसपास पहुंचा रात का पारा बीते 24 घंटे में कल्पा का न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री, कुकुमसैरी का 0.4, ताबो का पारा 1.1 डिग्री, मनाली का 5.5 डिग्री, सियोबाग 5.8 डिग्री, सोलन 8.5, भुंतर व शिमला का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रह गया है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन में कई शहरों का पारा माइनस में जाने की संभावना है। आज पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट IMD के अनुसार- अगले 48 घंटे भी ठंड से राहत के आसार नहीं है। आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में भारी ओलावृष्टि व तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान चलने का पूर्वानुमान है। कल भी पूरे प्रदेश में खराब रहेगा मौसम अगले कल भी मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। नौ अप्रैल के लिए मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला में येलो अलर्ट दिया गया है। 10 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा, इस दिन अधिक ऊंचे पहाड़ों पर ही हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि 11 व 12 अप्रैल को अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले कुछेक क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार हैं। सेब की फसल पर संकट ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण सेब बागवानों को भारी नुकसान हो रहा है। बर्फ के भार से सेब को ओलो से बचाने के लिए लगाए गए एंटी हेल नेट और बांस टूट रहे है। सेब की फ्लावरिंग के वक्त अत्यधिक ठंड के कारण फसल पर संकट मंडरा रहा है, क्योंकि फ्लावरिंग के दौरान औसत तापमान 14 से 15 डिग्री जरूरी होता। मगर आज दो दिन से औसत पारा 6 से 7 डिग्री तक गिर गया है।
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