CBSE ने 12वीं री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया टाली: अब 1 जून से खुलेगा पोर्टल; तकनीकी दिक्कतों के बाद लिया फैसला

CBSE ने 12वीं री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया टाली:  अब 1 जून से खुलेगा पोर्टल; तकनीकी दिक्कतों के बाद लिया फैसला


नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 के छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन प्रक्रिया की तारीख आगे बढ़ा दी है। पहले यह पोर्टल 29 मई से शुरू होना था, लेकिन अब बोर्ड ने इसे 1 जून से खोलने का फैसला किया है।

CBSE के अनुसार, बड़ी संख्या में आने वाले आवेदनों और कुछ तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। बोर्ड पोर्टल को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है, ताकि छात्रों को आवेदन करते समय परेशानी का सामना न करना पड़े।

बोर्ड ने बताया कि छात्र 1 जून से ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी होगी।

CBSE ने इस साल पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया है। इसके बाद कई स्टूडेंट्स ने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया था। लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण पोर्टल पर कई दिक्कतें सामने आई थीं।

री-इवैल्यूएशन आवेदन के बाद CBSE ने स्टूडेंट को उनकी आंसर शीट की स्कैन कॉपी उपलब्ध कराई थी। बोर्ड के मुताबिक लाखों छात्रों ने अपनी कॉपियों की डिजिटल कॉपी मांगी थी और ज्यादातर कॉपियां छात्रों को भेज दी गई हैं।

प्रधान बोले- CBSE मामले की जिम्मेदारी लेता हूं

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि छात्रों की समस्याओं का समय पर, पारदर्शी और छात्र हित में समाधान किया जाए। सिस्टम के अंदर या बाहर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी।

इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के CBSE और केंद्र सरकार पर उठाए सवालों पर प्रधान ने कहा- यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा।

दरअसल, गुरुवार को प्रधान ने नई दिल्ली में CBSE मुख्यालय में हुई अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, CBSE चेयरपर्सन राहुल सिंह, IIT मद्रास और IIT कानपुर के डायरेक्टर, शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय विद्यालय संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और CBSE के सीनियर अधिकारी शामिल हुए।



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