बिहार की सियासत में जल्द ही बड़ा उलटफेर होने वाला है। सूत्रों के अनुसार, सीएम नीतीश 10 अप्रैल को राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इसके बाद 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके साथ ही 18 तारीख तक बिहार में नई सरकार का गठन होगा। सीएम के इस्तीफे की चर्चाओं के बीच उनकी सिक्योरिटी को लेकर बड़ा फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद भी नीतीश कुमार को Z+ कैटेगरी की सिक्योरिटी मिलेगी। बिहार सरकार के गृह विभाग ने इसे लेकर अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे भी का जिक्र है। लेटर में लिखा गया है, “बिहार विधान परिषद के सदस्य और मुख्यमंत्री बिहार के पद से त्याग-पत्र देकर राज्यसभा सदस्य की सदस्यता ग्रहण करेंगे।” इधर, तेजस्वी के बागी विधायक फैसल रहमान ने गुरुवार को सीएम हाउस में नीतीश कुमार से मुलाकात की।16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में ढाका विधायक फैसल रहमान वोट देने नहीं पहुंचे थे। बिहार की सियासत से जुड़ी हर अपडेट पढ़िए… गृह विभाग के लेटर में इस्तीफे का जिक्र गृह विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, नीतीश कुमार को बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत सुरक्षा का योग्य माना गया है। ये कानून विशिष्ट व्यक्तियों को उनकी संवेदनशीलता के आधार पर सुरक्षा कवर प्रदान करने का अधिकार देता है। विभाग ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल और वर्तमान राजनीतिक स्थिति की समीक्षा के बाद सुरक्षा को लेकर ये कदम उठाया गया है। पुलिस महानिदेशक के नाम लिखे गए पत्र में कहा गया, “बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट- 2000 के तहत नीतीश कुमार को सुरक्षा दी जाएगी। नीतीश मौजूदा वक्त में राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए हैं और आने वाले वक्त में बिहार विधान परिषद की सदस्यता और मुख्यमंत्री पद से त्याग-पत्र देकर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।” 14 अप्रैल के बाद बिहार में नई सरकार! नीतीश कुमार के इस्तीफे की चर्चा के साथ ही बिहार की सियासत 21 साल बाद नए सीएम को लेकर बातें शुरू हो गई हैं। खबर है कि 14 अप्रैल के बाद बिहार में नई सरकार बनेगी और पहली बार बीजेपी का सीएम होगा। BJP और JDU के नेता ऑफ कैमरा इस बात को स्वीकार करते हैं कि बिहार का अगला CM BJP का होगा। पिछले 10 वर्षों से बिहार में सत्ता हासिल करने की जुगत में लगी BJP इसमें सफल हो गई है। लेकिन, दोनों इस बात को स्वीकार करते हैं कि BJP चाहे जिसे नेता चुने, नीतीश कुमार की सहमति उस चेहरे पर जरूर होनी चाहिए। 1990 से लेकर 2005 तक लालू यादव परिवार का बिहार की सियासत पर दबदबा रहा। 2005 से लेकर अब तक नीतीश कुमार लगातार (मई 2014- फरवरी 2015 छोड़कर) CM बने रहे। नीतीश कुमार से मिले तेजस्वी के बागी विधायक राज्यसभा चुनाव वोटिंग में गायब रहने वाले ढाका से राजद विधायक फैसल रहमान ने सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद अपने सोशल मीडिया पर इसकी फोटो शेयर कर एक पोस्ट के जरिए इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया। साथ ही लिखा- क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री जी से सकारात्मक चर्चा हुई। एक्शन में नीतीश कुमार इन सियासी हलचलों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह से एक्टिव नजर आ रहे हैं। गुरुवार सुबह सीएम तीन अलग-अलग जगह पर निरीक्षण करने पहुंचे। पहले वो पाटलिपुत्र कॉलोनी के पार्क पहुंचे, जहां चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया। फिर दीघा एम्स एलिवेटेड रोड पाटलिपुत्र का निरीक्षण किया। उसके बाद नीतीश कुमार गोला रोड में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे। बिहार की सियासत से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
Source link