अबोहर में खेत में स्प्रे से किसान मजदूर की मौत: दवा छिड़काव के दौरान बिगड़ी तबीयत, तीन दिन बाद एम्स बठिंडा में इलाज के दौरान तोड़ा दम – Abohar News
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अबोहर में गांव जंडवाला हनुवंता में खेत में फसल पर कीटनाशक (पेस्टिसाइड) स्प्रे करते समय जहरीले प्रभाव की चपेट में आने से एक किसान मजदूर की दुखद मौत हो गई। 3 दिन तक एम्स (AIIMS) बठिंडा में जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद गुरुवार को उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल अबोहर की मोर्चरी में रखवा दिया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा और मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब 50 वर्षीय कालू (पुत्र कृष्ण लाल, निवासी जंडवाला हनुवंता) गत 27 जुलाई को गांव के ही एक किसान के खेत में फसल पर कीटनाशक का छिड़काव कर रहा था। इसी दौरान जहरीली गैस या स्प्रे के प्रभाव से उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। स्थिति बिगड़ती देख परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल अबोहर ले गए।
एम्स बठिंडा में इलाज के दौरान तोड़ा दम
अबोहर में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने कालू की नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए एम्स बठिंडा रेफर कर दिया था। एम्स में पिछले 3 दिनों से उसका गहन इलाज चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद गुरुवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। दोपहर बाद पुलिस की देखरेख में शव को पोस्टमार्टम के लिए वापस सिविल अस्पताल अबोहर लाया गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मुआवजे की मांग
बताया जा रहा है कि कालू मजदूरी करके ही अपने पूरे परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में उसकी पत्नी के अलावा एक बेटी और दो बेटे हैं। उसकी अचानक मौत से परिवार पर आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दुखी परिजनों ने जिला प्रशासन और पंजाब सरकार से गुहार लगाई है कि पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा दिया जाए।

