एशियाड में भारत के पहले गोल्ड मेडलिस्ट रणधीर नहीं रहे: 5 ओलिंपिक गेम्स में निशानेबाजी की; OCA प्रेसिडेंट बनने वाले पहले भारतीय

एशियाड में भारत के पहले गोल्ड मेडलिस्ट रणधीर नहीं रहे:  5 ओलिंपिक गेम्स में निशानेबाजी की; OCA प्रेसिडेंट बनने वाले पहले भारतीय


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स्पोर्ट्स डेस्क3 मिनट पहले

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एशियन गेम्स में भारत को शूटिंग का पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाले शूटर रणधीर सिंह का बुधवार को निधन हो गया। वे 79 साल के थे और लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे।

पूर्व निशानेबाज रणधीर ने हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उन्हें 2024 में 4 साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था।

रणधीर ने 1978 बैंकॉक एशियन गेम्स के ट्रैप शूटिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने 5 ओलिंपिक गेम्स और एक कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की ओर से हिस्सा लिया। उन्हें 1979 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

रणधीर सिंह ने भारत को एशियन गेम्स में शूटिंग का पहला गोल्ड दिलाया।

रणधीर सिंह ने भारत को एशियन गेम्स में शूटिंग का पहला गोल्ड दिलाया।

बेटी राजेश्वरी इंटरनेशनल शूटर हैं, 2022 में सिल्वर जीता था

रणधीर अपने पीछे पत्नी विनीता और 3 बेटियां (महिमा, सुनैना और राजेश्वरी) छोड़ गए हैं। उनकी बेटी राजेश्वरी इंटरनेशनल लेवल पर ट्रैप शूटिंग करती हैं। राजेश्वरी ने 2022 एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था।

सिल्वर जीतने के बाद पिता रणधीर सिंह के साथ राजेश्वरी (बाएं से पहली), साथ में प्रीति रजक।

सिल्वर जीतने के बाद पिता रणधीर सिंह के साथ राजेश्वरी (बाएं से पहली), साथ में प्रीति रजक।

रणधीर के परिवार से कई सदस्यों ने भारत को रिप्रेजेंट किया है। उनके चाचा महाराजा यादविंद्र सिंह ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला। वे IOC के सदस्य थे। रणधीर के पिता भलिंद्र सिंह भी फर्स्ट क्लास क्रिकेटर और 1947 से 1992 तक IOC सदस्य थे।

किसने क्या कहा…

अब रणधीर सिंह के बारे में जानिए…

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