पठानकोट में आम आदमी क्लीनिक कर्मचारियों का प्रदर्शन: मांगों को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना, हेल्थ मिनिस्टर को भेजा मांग पत्र – Pathankot News

पठानकोट में आम आदमी क्लीनिक कर्मचारियों का प्रदर्शन:  मांगों को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना, हेल्थ मिनिस्टर को भेजा मांग पत्र – Pathankot News




पठानकोट में आम आदमी क्लीनिक के कर्मचारियों ने सोमवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर सिविल अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट और क्लीनिक असिस्टेंट शामिल हुए। कर्मचारियों ने सरकार से अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की और चेतावनी दी कि समाधान न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने जानकारी दी कि वे अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन स्वास्थ्य मंत्री को भी भेज चुके हैं। उनका आरोप है कि आम आदमी क्लीनिकों में लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। यूनियन की ओर से निम्नलिखित मुख्य मांगें रखी गई हैं: इम्पैनलमेंट प्रणाली का खात्मा व नियमितीकरण: आम आदमी क्लिनिकों में काम कर रहे मेडिकल अफसरों, फार्मासिस्टों और क्लिनिक सहायकों को इम्पैनलमेंट प्रणाली से हटाकर डायरेक्टरेट ऑफ हेल्थ सर्विसेज, पंजाब के अधीन पक्का किया जाए। अथवा यदि इंसेंटिव व्यवस्था लागू रखनी है, तो मेडिकल अफसर को ₹80 प्रति मरीज, फार्मासिस्ट को ₹30 प्रति मरीज और क्लिनिक सहायक को ₹25 प्रति मरीज का इंसेंटिव दिया जाए तथा इम्पैनलमेंट की जगह नियुक्ति पत्र जारी कर DHS के अधीन किया जाए। क्लिनिक सहायकों को ANM का दर्जा: क्लिनिक सहायकों की शैक्षणिक योग्यता एएनएम (ANM) होने के कारण उन्हें आधिकारिक तौर पर ANM का पद/दर्जा प्रदान किया जाए। सरकारी भर्तियों में अनुभव अंक और उम्र सीमा में छूट: भविष्य में निकलने वाली पंजाब सरकार की स्वास्थ्य विभाग की भर्तियों में क्लिनिक में काम कर रहे कर्मचारियों को उनके कार्य अनुभव के अंक (Experience Weightage) दिए जाएं और आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाए। छुट्टियों की सुविधा: आम आदमी क्लिनिकों के समस्त स्टाफ को हर वर्ष 15 कैजुअल लीव (CL) और मेडिकल लीव (Medical Leave) की उचित सुविधा दी जाए। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने जोर देकर कहा कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। हालांकि, उनकी जायज मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत प्रदान की जाए।



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