चंडीगढ़ में ओवरलोड स्कूल बस, दरवाजा खुला: कंडक्टर नहीं था; मानवाधिकार आयोग ने नोटिस थमाया; शिक्षा विभाग-ट्रैफिक पुलिस से रिपोर्ट मांगी – Chandigarh News
चंडीगढ़ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही सामने आने के बाद पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने स्वत: संज्ञान (सुओ मोटू) लिया है। आयोग ने सड़क पर क्षमता से अधिक बच्चों को ले जा रही स्कूल बस, खुले दरवाजे और बिना कंडक्टर के बस संचालन को गंभीर माना। इससे मामले में चंडीगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग और ट्रैफिक पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। दोनों विभागों को अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले अपनी रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर 2026 को होगी। आयोग रिकॉर्ड के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ (यूटी) मानवाधिकार आयोग के सदस्य और पद्मश्री सम्मानित जितेंद्र सिंह शंटी नया गांव पुलिस थाने के निरीक्षण के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर सड़क पर चल रही एक स्कूल बस पर पड़ी, जिसका नंबर सीएच-01-टीए-5163 था। बस में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। ड्राइवर तेज रफ्तार से बस चला रहा था। वह सड़क पर बस को जिगजैग तरीके से चला रहा था, जिससे अन्य वाहन चालकों के साथ-साथ बस में बैठे बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आयोग के सदस्य ने तुरंत बस रुकवाई और ड्राइवर से पूछताछ की। जानिए स्कूल बस में क्या-क्या नियम टूटे: – मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को इसके अलावा आयोग ने अपने आदेश की एक प्रति चंडीगढ़ परिवहन सचिव को भी सूचना के लिए भेजी है, ताकि स्कूल बसों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा सके और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जा सके। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी। इससे पहले संबंधित विभागों को अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर आयोग आगे की कार्रवाई और आवश्यक निर्देश जारी करेगा।
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