जालंधर में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन: श्री राम चौक से शुरू से निकली प्रभु की सवारी का जगह जगह स्वागत, कैबिनेचट मंत्री और मेयर ने लिया आशीर्वाद – Jalandhar News
धार्मिक नगरी जालंधर में भगवान जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर एक विशाल और भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया। जगन्नाथ सेवा समिति द्वारा आयोजित यह पावन यात्रा श्री राम चौक से पूरे श्रद्धाभाव के साथ शुरू हुई और साईं दास स्कूल ग्राउंड में जाकर संपन्न हुई। दोपहर 3 बजे शुरू हुए इस धार्मिक समागम में शहर और आसपास के इलाकों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। इस पावन अवसर पर शहर के कई प्रमुख राजनीतिक व सामाजिक गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। यात्रा में मुख्य रूप से कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, नगर निगम के मेयर विनीत धीर और सेंट्रल हलका इंचार्ज नीतिन कोहली उपस्थित रहे। धार्मिक अनुष्ठानों के भक्ति मय रहा माहौल मंत्रोच्चारण व रथ प्रस्थान: दोपहर 4 बजे पवित्र वेद ध्वनि और मंत्रोच्चारण के साथ भगवान जगन्नाथ के रथ को आगे बढ़ाया गया। 56 भोग का आयोजन: रात 8 बजे विशेष क्रेन सेवा के माध्यम से भगवान जगन्नाथ को 56 भोग अर्पित किए गए। महाआरती: रात 8:30 बजे साईं दास स्कूल ग्राउंड में भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें हज़ारों भक्तों ने भाग लिया। भजन क्लबिंग व समापन: रात 9 बजे विशेष भजन क्लबिंग के साथ यात्रा का समापन हुआ। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति संगीत और भजनों पर झूमते और प्रभु का गुणगान करते नजर आए। मंत्री से लेकर मेयर तक ने लिया आशीर्वाद कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि भगवान जगन्नाथ जी के दर्शन कर उन्हें और शहरवासियों को परम सौभाग्य की प्राप्ति हुई है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि जालंधर वासियों पर प्रभु की कृपा सदा बनी रहे और हर वर्ष यह यात्रा इसी तरह श्रद्धा से निकाली जाए। मेयर विनीत धीर ने शहरवासियों को इस पावन अवसर की बधाई दी और कहा कि भगवान का आशीर्वाद पूरे शहर पर बना रहे। उन्होंने इतने सुव्यवस्थित आयोजन के लिए प्रबंधक कमेटी का दिल से आभार व्यक्त किया। नीतिन कोहली (सेंट्रल हलका इंचार्ज)ने बताया कि जगन्नाथ सेवा समिति द्वारा पहली बार आयोजित की गई इस भव्य यात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय और जगन्नाथ मय बना दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समिति आगे भी हर साल इसी तरह इस यात्रा का आयोजन करती रहेगी।
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