फरीदकोट में फार्मेसी अफसर भर्ती पेपर लीक: यूनिवर्सिटी का पक्षा आया सामने, रजिस्ट्रार बोले; पेपर लीक नहीं हुआ, सिर्फ नकल की हुई कोशिश – Faridkot News

फरीदकोट में फार्मेसी अफसर भर्ती पेपर लीक:  यूनिवर्सिटी का पक्षा आया सामने, रजिस्ट्रार बोले; पेपर लीक नहीं हुआ, सिर्फ नकल की हुई कोशिश – Faridkot News


स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा फार्मेसी अफसरों की भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा के दौरान सामने आए हाईटेक नकल मामले में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) की आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्पष्ट किया है क

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यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में फार्मेसी अफसरों के 454 पदों को भरने के लिए इस लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसमें कुल 6,474 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।र जिस्ट्रार डॉ. अरविंद कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा किया

यूनिवर्सिटी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

  • यूनिवर्सिटी ने पकड़ा पहला मामला: सबसे पहले बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की फ्लाइंग स्क्वाड टीम ने ही फरीदकोट के एक परीक्षा केंद्र में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कर रहे एक परीक्षार्थी को रंगे हाथों पकड़ा।
  • 28 संदिग्ध परीक्षार्थी हिरासत में: पुलिस की जांच और खुफिया इनपुट मिलने के बाद यूनिवर्सिटी को 28 संदिग्ध परीक्षार्थियों की सूची प्राप्त हुई, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
  • नकल गिरोह के 7 सरगना गिरफ्तार: इस पूरे हाईटेक नकल रैकेट का संचालन करने वाले 7 अन्य मुख्य आरोपियों/मास्टरमाइंडों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

राज्य सरकार को भेजी जा रही है रिपोर्ट

रजिस्ट्रार ने कहा कि अब तक की पुलिस जांच से यह साफ हो चुका है कि यह पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि परीक्षा शुरू होने के बाद अनुचित साधनों (Unfair Means) के इस्तेमाल का मामला है। मामले की पूरी विस्तृत रिपोर्ट पंजाब सरकार को भेजी जा रही है। सरकार से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, यूनिवर्सिटी प्रशासन उसी के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

भविष्य के लिए योजना: परीक्षा केंद्रों पर लगेंगे जैमर

भविष्य में इस तरह की हाईटेक धोखाधड़ी रोकने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन कड़े कदम उठाने की योजना बना रहा है। डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि आगे आयोजित होने वाली परीक्षाओं के केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक जैमर लगाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, जैमर स्थापित करने से परीक्षा संचालन का खर्च काफी बढ़ जाएगा, इसलिए इस बजट व प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार के साथ बातचीत की जाएगी।



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