बरनाला डीसी दफ्तर पर कर्मचारियों का प्रदर्शन: केंद्रीय वेतनमान नोटिफिकेशन की प्रतियां जलाईं, 8 साल से रुके वित्तीय लाभ बहाल करने की मांग – Barnala News
बरनाला जिले की कर्मचारी और पेंशनर्स यूनियनों ने शुक्रवार को डीसी कार्यालय परिसर में रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने 17 जुलाई 2020 को जारी केंद्रीय वेतनमान से संबंधित नोटिफिकेशन की प्रतियां जलाईं और काली पट्टियां बांधकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पंजाब के कर्मचारियों पर पंजाब स्केल रद्द कर अधूरा केंद्रीय पे-स्केल थोप दिया था। इससे नए भर्ती होने वाले कर्मचारियों के वेतन में बड़ी कटौती हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने सत्ता में आने से पहले पंजाब वेतनमान और पुरानी पेंशन बहाल करने का वादा किया था, लेकिन पिछले चार साल से वह इस मांग से किनारा कर चुकी है। 7 अगस्त को चंडीगढ़ में होगी बड़ी रैली जॉइंट को-ऑर्डिनेशन कमेटी के आह्वान पर आगामी 7 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ में एक विशाल राज्य स्तरीय रैली आयोजित की जाएगी। इसमें बरनाला जिले से हजारों कर्मचारी और पेंशनर्स हिस्सा लेंगे। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए प्रिंसिपल कौर सिंह, दर्शन चीमा, तरसैम भट्ठल और राजीव कुमार सहित अन्य नेताओं ने कहा कि छह साल पहले जब यह नोटिफिकेशन लागू हुआ था, तब आम आदमी पार्टी ने विपक्ष में रहते हुए इसका कड़ा विरोध किया था। उन्होंने सरकार बनने पर इसे तुरंत रद्द करने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार अपने वादों से मुकर चुकी है। कर्मचारी नेता बोले- बॉर्डर एरिया भत्ता बंद किया नेताओं ने बताया कि कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) बकाया बढ़कर 18 फीसदी तक पहुंच गया है। इसके अलावा, ग्रामीण और बॉर्डर एरिया भत्ता बंद कर दिया गया है, और कंप्यूटर शिक्षकों सहित कई कच्चे कर्मचारियों को अभी तक विभाग में पक्का नहीं किया गया है। नेताओं ने मांग की कि 17 जुलाई 2020 के पत्र को तुरंत रद्द किया जाए। छठे पंजाब वेतनमान के तहत 15% वृद्धि के साथ वेतन तय किया जाए और वर्ष 2018 से रुके हुए वित्तीय लाभ बहाल किए जाएं। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए जल्द से जल्द एसओपी (SOP) जारी करने और एनपीएस कर्मचारियों के जीपीएफ खाते खोलने की भी मांग की। इस मौके पर विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।
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