डेराबस्सी में तीन मंजिला इमारत का स्ट्रक्चर गिरा: पड़ोसी इमारतों में रह रहे 4 लोग बाल-बाल बचे, कारों को नुकसान, मकानों की दीवारों में दरार – Mohali News
मोहाली के डेराबस्सी के सरस्वती विहार स्थित सुखमणि कॉलेज के नजदीक गली नंबर-9 में बुधवार रात एक बड़ा हादसा होने से टल गया। यहां करीब साढ़े दस बजे एक तीन मंजिला पुरानी इमारत का ढांचा अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इमारत गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि धमाका सुनकर आसपास के लोगों को पहले भूकंप का अहसास हुआ और वे डरकर घरों से बाहर भाग निकले। बाहर आने पर उन्होंने देखा कि पूरी इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी थी। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। हादसे के समय ढही हुई इमारत से बिल्कुल सटे मकान में रह रहे सुमित्रा (45), रोटाश (61), उनके बुजुर्ग पिता रती राम और रजिंदर कुमार (44) चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गए। हालांकि, मलबे की चपेट में आने से सुमित्रा के हाथ में हल्की चोट आई है। इस मलबे के गिरने से आसपास के मकानों की दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं और वहां खड़ी एक मारुति कार सहित अन्य संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। 2013 से खाली पड़ी थी जर्जर इमारत, दिन में गिरती तो मचती तबाही स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह तीन मंजिला इमारत वर्ष 2013 के आसपास बनाई गई थी। लेकिन निर्माण के बाद से ही यह लंबे समय से पूरी तरह खाली और जर्जर अवस्था में थी। मोहल्ले के लोगों ने इसकी खस्ता हालत को लेकर कई बार चिंता जताई थी और शिकायत भी की थी, लेकिन समय रहते कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यह हादसा रात के समय हुआ जब गली में आवाजाही नहीं थी; अगर यह इमारत दिन के समय गिरती, तो कई राहगीर इसकी चपेट में आ सकते थे और बड़ी तबाही मच सकती थी। थाना प्रभारी सुमित मोर ने पुलिस बल के साथ संभाला मोर्चा घटना की जानकारी मिलते ही डेराबस्सी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुमित मोर तुरंत अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने राहत कार्य शुरू करवाते हुए सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र को सील कर सुरक्षित किया ताकि मलबे के बाकी हिस्से से कोई और घायल न हो। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के चश्मदीदों से घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाई। लापरवाही और तकनीकी खामियों की जांच शुरू, होगी कानूनी कार्रवाई थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुमित मोर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने घटना की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि इस ढांचे के गिरने के पीछे घटिया निर्माण सामग्री, तकनीकी खामी या भवन मालिक की लापरवाही जिम्मेदार थी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सहमे लोग; शहर की अन्य जर्जर इमारतों के सर्वे की उठी मांग इस अचानक हुए हादसे के बाद से सरस्वती विहार और आसपास के इलाकों के निवासियों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि डेराबस्सी शहर में मौजूद अन्य सभी पुरानी और जर्जर हो चुकी इमारतों का तुरंत सरकारी सर्वे कराया जाए। समय रहते ऐसी खतरनाक इमारतों को गिराया या हटाया जाए, ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े और जानलेवा हादसे को रोका जा सके।
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