पुजारी बोले- नहर में फेंकना चाहता था सेवादार: कुरुक्षेत्र में मंदिर के कैमरे बंद कर पीटा, परने से घसीटा; दरगाह में श्रद्धालु कम होने पर हमला – Kurukshetra News
घायल पुजारी का कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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यह दावा कुरुक्षेत्र के अढ़ोनी गांव के शिव मंदिर के पुजारी योगीराज गिरी ने किया। लोकनायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल में भर्ती पुजारी ने कहा कि आरोपी काफी समय से उनसे रंजिश रखते थे। आरोपी का पंजाब के नकोदर से नशे का कनेक्शन है और मंदिर के सामने जिस स्थान को आज दरगाह बताया जाता है, वह पहले सिर्फ आरोपियों के बैठने की जगह थी।
पुजारी ने यह भी दावा किया कि इसी रंजिश के चलते 9 जुलाई को आरोपियों ने पहले मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद किए, फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, गले में परना डालकर घसीटा और नाले या नहर में फेंकने तक की बात कर रहे थे।
9 जुलाई की सुबह पुजारी के गले में परना डालकर गली में बेहरमी से घसीटता दरगाह का सेवादार पंकज।
अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए पुजारी ने क्या बताया…
रात 3 बजे उठे, कार की आवाज सुनाई दी
योगीराज गिरी ने बताया कि 9 जुलाई की रात करीब तीन बजे वह रोज की तरह उठे। मंदिर से अलग बनी धर्मशाला से शौच के लिए बाहर गए। उसी दौरान एक कार की आवाज सुनाई दी। कार पहले गांव की दूसरी ओर गई और कुछ देर बाद वापस लौट आई। उस समय उन्होंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने रोज की तरह मंदिर की सफाई की और करीब चार बजे स्नान की तैयारी करने लगे।
सिर्फ गुरु माला पहनी थी, पानी भर रहे थे
पुजारी ने बताया कि उस समय उन्होंने केवल गुरु माला पहन रखी थी और पूरी तरह तैयार भी नहीं हुए थे। वह खुद से कुछ गुनगुना रहे थे। आरोपी पंकज ने इस बात का गलत अर्थ निकाल लिया और समझा कि उसके खिलाफ कोई साजिश रची जा रही है।
पीपल के पास पानी भरते समय किया हमला
उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में दादा खेड़ा और पीपल के पेड़ के पास पानी की सप्लाई है। वह वहीं टब धोकर पानी भर रहे थे। इसी दौरान आरोपी ने अपनी पत्नी से लाठी मंगवाई और उसके साथ वहां पहुंच गया। कुछ ही देर में एक अन्य व्यक्ति भी आ गया। आरोप है कि तीनों ने मिलकर उन्हें पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी।
पहले कैमरे बंद किए, फिर बेरहमी से पीटा
पुजारी का आरोप है कि हमले से पहले मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे, ताकि मारपीट रिकॉर्ड न हो सके। इसके बाद उन्हें काफी देर तक बेरहमी से पीटा गया। मारपीट के दौरान उनका परना पूरी तरह खून से भर गया। इसके बाद उसी परने को उनके गले में डालकर आरोपी उन्हें घसीटते हुए मंदिर से बाहर सड़क की ओर ले गए। जैसे ही उन्हें बाहर लाया गया, पंचायत के सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई।

‘पाकिस्तान से बात कर रहा था’ कहकर भड़काया
उन्होंने बताया कि इसी बीच गांव का एक व्यक्ति पूजा करने मंदिर आया था। उसने मारपीट देखकर आरोपियों से कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि बाबा पाकिस्तान से बात कर रहा था। पंकज के स्वभाव से परिचित होने के कारण वह व्यक्ति डर गया और वहां से चला गया।
ग्रामीणों ने कहा- गलती बाबा की नहीं
योगीराज गिरी ने बताया कि नाले के पास भी उनके साथ मारपीट जारी रही, जिससे उनका पैर मुड़ गया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आरोपियों को रोकते हुए कहा कि गलती बाबा की नहीं, बल्कि उनकी है। इसके बाद आरोपी वहां से चले गए। सुबह होने पर ग्रामीणों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
‘मैं संत हूं, मेरा कोई परिवार नहीं बचा’
परिवार के बारे में पूछे जाने पर पुजारी ने बताया कि वह बचपन से ही सन्यासी हैं। सात साल की उम्र में माता-पिता ने उन्हें डेरे में दीक्षा दिला दी थी। उनका संबंध जूना अखाड़ा से है और वह मूल रूप से उत्तराखंड के बूढ़ा केदार गांव के रहने वाले हैं। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा में उनका पूरा परिवार खत्म हो गया था।

कम श्रद्धालु आने की रंजिश का लगाया आरोप
पुजारी ने आरोप लगाया कि आरोपी पहले से उनसे रंजिश रखते थे। मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने और सामने बने धार्मिक स्थल पर कम लोग जाने को लेकर आरोपी उनसे नाराज रहते थे। मंदिर के सामने जिस धार्मिक स्थल (दरगाह) का निर्माण हुआ है, वह पहले केवल बैठने की जगह थी, जिसे बाद में धार्मिक स्थल का रूप दे दिया गया। साथ ही आरोपी का नकोदर से नशे का कनेक्शन होने का भी आरोप लगाया।
ढाई लाख की चोरी का भी जताया शक
योगीराज गिरी ने बताया कि उनकी गैरमौजूदगी में मंदिर से करीब ढाई लाख रुपए चोरी हो गए थे। उन्हें शक है कि उस घटना में भी यही लोग शामिल थे। मंदिर और दादा खेड़ा काफी पुराने हैं। पहले मंदिर मिट्टी और छोटी ईंटों का बना था, जिसका बाद में जीर्णोद्धार कराया गया। वह करीब 40 वर्षों से इस स्थान पर आते-जाते रहे हैं।

योगीराज गिरी के पैर में फ्रैक्चर आया है। उनका LNJP सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पंकज के घर की दीवार गिराई, दरगाह पर भी चला बुलडोजर
13 जुलाई को पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने ओढ़नी गांव में पुजारी योगीराज गिरी पर हमले के आरोपी पंकज के मकान की एक दीवार को तुड़वा दिया। इसके बाद टीम ने दरगाह परिसर में भी बुलडोजर से कार्रवाई की। इस कार्रवाई का पंकज की मां परमजीत ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि पूरे गांव में अवैध कब्जे हैं, इसलिए यदि कार्रवाई करनी है तो सभी पर समान रूप से की जाए। उन्होंने कहा कि उनका घर तोड़ दिया गया है, अब उनका परिवार कहां जाएगा। घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं। यदि हमारा मकान तोड़ा जा रहा है, तो पूरे गांव में बने सभी अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
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कुरुक्षेत्र जिले के अढ़ोनी गांव में शिव मंदिर के पुजारी योगीराज गिरी पर हुए हमले में शामिल आरोपियों पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने पुजारी को मफलर डालकर घसीटने वाले दरगाह के सेवादार पंकज के घर के मकान की दीवार को तुड़वा दिया। इसके बाद टीम दरगाह पर भी बुलडोजर चलवाया। पढ़ें पूरी खबर…

