बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी- मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल हिरासत में: SIT ने देहरादून से पकड़ा, चमोली में पूछताछ; CCTV में नोटों जैसी गड्डी ले जाते दिखे थे – Chamoli News
बद्रीनाथ में चढ़ावे की कथित चोरी का आरोपी प्रमोद नौटियाल को हिरासत में ले लिया गया है।
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले में चमोली पुलिस की SIT ने बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को हिरासत में ले लिया है। SIT ने रविवार देर रात देहरादून स्थित उनके नेहरू कॉलोनी आवास से उन्हें पकड़ा।
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उन्हें चमोली लाया गया, जहां बद्रीनाथ थाने में पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, SIT की टीम सादी वर्दी में देहरादून पहुंची थी। बद्रीनाथ थाने में पूछताछ के दौरान जब प्रमोद नौटियाल से पूछा गया कि क्या चढ़ावा चोरी के मामले में मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी भी शामिल हैं, तो उन्होंने सिर हिलाकर नहीं में जवाब दिया।
मामले में 10 जुलाई को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी। साथ ही, मंदिर समिति से चढ़ावे के मामले में 16 जुलाई को स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब दाखिल करने को कहा है।
तस्वीरें देखिए-
बद्रीनाथ पुलिस चौकी के अंदर पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल से पूछताछ चल रही है।

चमोली पुलिस की SIT ने रविवार को बद्रीनाथ में मंदिर अधिकारियों से पूछताछ की थी।
प्रमोद नौटियाल से पूछे जाएंगे 10 सवाल…
- CCTV में आप मोबाइल के नीचे क्या लेकर जा रहे थे?
- आपने कहा कि वह नोटबुक थी, क्या उसके समर्थन में कोई तस्वीर, रिकॉर्ड या अन्य सबूत दे सकते हैं?
- यदि वह नोटबुक थी तो घटना के बाद उसे जांच समिति को क्यों नहीं दिखाया?
- 25 जून और 2 जुलाई दोनों तारीखों की फुटेज में समान गतिविधि क्यों दिखाई दे रही है?
- क्या आपने कभी गणना कक्ष से किसी भी प्रकार की नकदी बाहर निकाली?
- कर्मचारियों का कहना है कि 2 जुलाई को आप गणना प्रभारी थे। क्या यह सही है और उस दिन आपकी जिम्मेदारी क्या थी?
- जांच समिति की रिपोर्ट में आपके खिलाफ प्रथम दृष्टया अनियमितता मिलने की बात कही गई है। आप इस पर क्या कहना चाहेंगे?
- FIR दर्ज होने के बाद आपका मोबाइल बंद क्यों मिला और आप जांच एजेंसियों के संपर्क में क्यों नहीं रहे?
- पुलिस आपको तलाश रही थी, फिर भी आपने खुद सामने आकर जांच में सहयोग क्यों नहीं किया?
- क्या इस पूरे मामले में कोई अन्य कर्मचारी, अधिकारी या जिम्मेदार व्यक्ति भी शामिल है, या आप कह सकते हैं कि आप पूरी तरह अकेले हैं?
परिजन बोले- अपहरण किया, देहरदून में दी थी शिकायत
प्रमोद नौटियाल को सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए थे। काफी देर तक उनके घर नहीं लौटने पर परिजन ने देहरादून के नेहरू कॉलोनी बाईपास चौकी में शिकायत दी। शिकायत में हेमलता नौटियाल ने कहा कि कुछ लोग पूछताछ के नाम पर उन्हें अपने साथ ले गए थे और काफी देर तक कोई जानकारी नहीं मिली।
परिवार ने शुरुआत में अपहरण की आशंका भी जताई थी। परिवारवालों का कहना था कि प्रमोद ने नैनीताल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर 16 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है। इसी आधार पर उन्हें इस तरह साथ ले जाने पर परिवार ने चिंता जताई थी। हालांकि, बाद में चमोली पुलिस ने उनकी हिरासत की पुष्टि कर दी।
चमोली के एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच जारी है। जांच टीम संबंधित दस्तावेजों, अभिलेखों और अन्य सबूतों का गहन परीक्षण कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

2 जुलाई की CCTV फुटेज से खुला मामला
पूरे विवाद की शुरुआत 2 जुलाई को हुई। इसी दिन बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की थाली भेंट की गणना के दौरान कथित अनियमितता की सूचना BKTC को मिली। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सुबह करीब 9 से 9:30 बजे के बीच गणना स्थल से नियमों के विपरीत धनराशि हटाई गई।
इसी दौरान की CCTV फुटेज में प्रमोद नौटियाल मोबाइल के नीचे नोटों जैसी गड्डी दबाकर ले जाते हुए दिखाई दिए। मामला सोशल मीडिया पर आने के बाद BKTC ने विभागीय जांच शुरू कर दी।
जांच समिति की रिपोर्ट के बाद निलंबन और FIR
BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने की बात कही। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर 48 घंटे में जवाब देने का नोटिस दिया गया।
इसके साथ ही BKTC के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण की शिकायत पर बद्रीनाथ कोतवाली में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ केस दर्ज कराया गया।
हाईकोर्ट पहुंचे, 16 जुलाई को सुनवाई
FIR दर्ज होने के बाद प्रमोद नौटियाल ने नैनीताल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की। मामले में 16 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है। वहीं, जांच के दौरान पुलिस ने 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई की चढ़ावा गणना से जुड़ी CCTV फुटेज अपने कब्जे में ली है।
सूत्रों के मुताबिक, 25 जून की फुटेज में भी प्रमोद नौटियाल नोटों जैसी गड्डी ले जाते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस इस फुटेज को अहम साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। अब मंदिर परिसर में लगे 32 CCTV कैमरों की करीब 40 दिन की रिकॉर्डिंग खंगाली जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पहले भी इस तरह की कोई अनियमितता हुई थी या नहीं।
प्रमोद नौटियाल का दावा- मोबाइल के नीचे नोट नहीं, नोटबुक थी
प्रमोद नौटियाल ने विभागीय जांच में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि वह हमेशा अपने साथ एक नोटबुक रखते हैं। उनका दावा है कि CCTV में मोबाइल के नीचे जो वस्तु दिखाई दे रही है, वह नोटों की गड्डी नहीं, बल्कि उनकी नोटबुक थी।
हालांकि घटना के बाद उनका मोबाइल बंद मिला और उन्होंने ज्योतिर्मठ कार्यालय में भी कार्यभार ग्रहण नहीं किया। कर्मचारियों ने जांच समिति को बताया कि घटना वाले दिन गणना प्रभारी प्रमोद नौटियाल ही थे और उन्होंने गणना शुरू होने या समाप्त होने की जानकारी अन्य कर्मचारियों को नहीं दी।

कई कर्मचारियों और साधु-संतों से पूछताछ
पुलिस ने BKTC कर्मचारियों के साथ उन साधु-संतों के भी बयान दर्ज किए हैं, जो नियमित रूप से चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में शामिल होते रहे हैं। 2 जुलाई को गणना कक्ष में प्रमोद नौटियाल समेत 12 से अधिक लोग मौजूद थे।
अब सभी से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि कथित हेराफेरी में किसी और की भी भूमिका थी या नहीं।
चढ़ावा गणना की पूरी व्यवस्था बदली
- मामला सामने आने के बाद बीकेटीसी ने चढ़ावा गणना की पूरी व्यवस्था बदल दी है।
- गणना करने वाले कर्मचारियों को बिना जेब वाली ड्रेस पहननी होगी।
- निजी सामान गणना कक्ष में ले जाने पर रोक रहेगी।
- CCTV कैमरों की संख्या 1 से बढ़ाकर 3 कर दी गई है।
- गणना के दौरान कम से कम 5 कर्मचारियों की मौजूदगी अनिवार्य होगी।
- प्रवेश से पहले सभी की तलाशी ली जाएगी।
- पूरी प्रक्रिया की निगरानी कंट्रोल रूम से होगी।
CM ने बनाई हाई लेवल जांच समिति
सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है। इसमें एनएचएम के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और स्वास्थ्य विभाग के वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान सदस्य हैं। समिति को 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
इस बीच भैरव सेना ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पर प्रमोद नौटियाल के माध्यम से चढ़ावे में कथित हेराफेरी कराने के आरोप लगाए हैं।

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बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों के बीच बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) से निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने अपने निलंबन आदेश और FIR के खिलाफ उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। (पढ़ें पूरी खबर)

