पंजाबी युवक नशा छोड़ 10 हजार किमी. पैदल चला: 5 तख्तों की पैदल यात्रा करने वाला पहला सिख, चिट्टा तक पीता रहा; अमृत छक सब नशे छोड़े – Jalandhar News

पंजाबी युवक नशा छोड़ 10 हजार किमी. पैदल चला:  5 तख्तों की पैदल यात्रा करने वाला पहला सिख, चिट्टा तक पीता रहा; अमृत छक सब नशे छोड़े – Jalandhar News




पंजाब के युवा जस गोसल ने 10 हजार किलोमीटर चलकर इन्फुलेंसर बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया है। पैदल पांचों तख्तों की यात्रा करने वाले जस पहले सिख और पंजाबी हैं।
जस ने घर बैठे लाखों लोगों को पैदल चलकर और वीडियो बनाकर पांचों तख्तों के दर्शन करवाए। वीडियो जारी कर जस ने बताया कि उनको 15 अगस्त को डायमंड बटन मिलेगा।
33 साल के जस ने अपनी कहानी शेयर कर बताया कि 6 साल पहले तक वह चिट्टे सहित हर तरह का नशा करता था। अब उसने नशे के अंधेरे से निकलकर जीवन को पूरी तरह बदलकर नशे के खिलाफ युवाओं को संदेश दिया है।
कभी नशे में डूबे जस गोसल आज देशभर के ऐतिहासिक गुरुद्वारों की हजारों किलोमीटर पैदल यात्रा करके भटकी हुई युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गए हैं। इन दिनों वह असम-मेघालय के ऐतिहासिक गुरुद्वारों की यात्रा कर रहे हैं। नशे को छोड़ने और अमृत छकने की जस ने पूरी कहानी साझा की है। 4 पाइंट में जानें जस की कहानी.. पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के गुरुद्वारों का प्रचार
हजूर साहब के बाद जस गोसल ने सिक्किम के गुरु नानक लामा साहिब, तेलंगाना के भगाौर साहिब और असम के धुबड़ी साहिब जैसे ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन किए। जस ने बताया कि पंजाब से बाहर रहने वाले सिख बहुत गरीबी के बावजूद 100 प्रतिशत सिख सिद्धांतों पर कायम हैं। युवाओं के लिए संदेश-पक्के इरादे से छोड़ें नशा
जस गोसल ने कहा कि जब इंसान अपने दिल में पक्का इरादा कर लेता है और गुरु का आसरा लेता है, तो दुनिया का कोई भी नशा उसे रोक नहीं सकता। 60 वर्ष की उम्र में नशा छोड़ने के बजाय युवावस्था में ही सही राह चुनना जरूरी है। आज उनकी यह यात्रा पंजाब के युवाओं को नशे से बाहर निकालने की दिशा दिखा रही है। जानें क्या है इन्फुलेंसर बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड इन्फुलेंसर बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (IBWR) प्राइवेट संस्था है। इसका मुख्यालय जयपुर, राजस्थान में है। ये लोगों की खास उपलब्धियों को अपने रिकॉर्ड में दर्ज करती है। कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन करके अपना रिकॉर्ड दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकता है। संस्था फोटो, वीडियो और अन्य प्रमाण देखकर रिकॉर्ड की जांच करती है। रिकॉर्ड स्वीकार होने पर प्रमाणपत्र और सम्मान दिया जाता है। यह संस्था शिक्षा, खेल, कला, समाज सेवा, व्यवसाय और अन्य क्षेत्रों में रिकॉर्ड दर्ज करती है।



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