पंजाब के 16 जिलों में बारिश की चेतावनी: चंडीगढ़ में भी गरज-चमक के साथ होगी बरसात; कल से मानसून कमजोर पड़ने से उमस बढ़ेगी – Jalandhar News

पंजाब के 16 जिलों में बारिश की चेतावनी:  चंडीगढ़ में भी गरज-चमक के साथ होगी बरसात; कल से मानसून कमजोर पड़ने से उमस बढ़ेगी – Jalandhar News




पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून एक्टिव है। मौसम विभाग ने अनुसार, आज (12 जुलाई को) 16 जिलों में बारिश के आसार हैं। जिसमें पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का यलो अलर्ट। जबकि गुरदासपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, अमृतसर, तरनतारन, मोगा, बरनाला और संगरूर में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चलेंगी। हालांकि 13 से 17 जुलाई तक भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन अलग-अलग स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। हालांकि अब कल (13 जुलाई) से मानसून कमजोर पड़ सकता है। जिससे उमस भरी गर्मी बढ़ेगी। 1 से 11 जुलाई के दौरान पंजाब में कुल 52.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 49.6 मिमी के मुकाबले 6% अधिक रही। फरीदकोट सबसे गर्म, अमृतसर सबसे ठंडा मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन की तुलना में 0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि यह सामान्य के आसपास बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान फरीदकोट में रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बठिंडा में 39.1 डिग्री, फाजिल्का में 36.6 डिग्री, बठिंडा में 35.6 डिग्री, फिरोजपुर में 34.8 डिग्री, बरनाला में 34 डिग्री, मोगा में 33.7 डिग्री, पटियाला और रूपनगर में 33.6 डिग्री, अमृतसर में 33.4 डिग्री, संगरूर में 33.4 डिग्री, मोहाली में 33.1 डिग्री, चंडीगढ़ में 33.9 डिग्री, लुधियाना में 32.6 डिग्री और होशियारपुर में 32.1 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान सबसे कम 21.5 डिग्री अमृतसर में रिकॉर्ड किया गया। 11 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड पंजाब में मानसून ने जुलाई के पहले 11 दिनों में 23 जिलों में से 11 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई, जबकि 8 जिलों में सामान्य के आसपास बारिश दर्ज की गई। वहीं 4 जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश रिकॉर्ड हुई। सबसे अधिक बारिश मोगा में सामान्य से 185% ज्यादा दर्ज की गई, जबकि होशियारपुर में सबसे कम 88% की कमी रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में 1 से 11 जुलाई के बीच सबसे अधिक बारिश पठानकोट में 142.1 मिमी दर्ज की गई, जो सामान्य से 49% अधिक है। इसके अलावा फरीदकोट में 103.7 मिमी (120% अधिक), लुधियाना में 100 मिमी (85% अधिक), गुरदासपुर में 95.9 मिमी (25% अधिक), पटियाला में 83.5 मिमी (38% अधिक), मोगा में 77.8 मिमी (185% अधिक) तथा फिरोजपुर में 49.4 मिमी (74% अधिक) बारिश रिकॉर्ड की गई। दूसरी ओर होशियारपुर में केवल 8.9 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 88% कम है। मुक्तसर में 6 मिमी (83% कम), नवांशहर में 58 मिमी (45% कम), रूपनगर में 43.6 मिमी (53% कम), मानसा में 16 मिमी (36% कम) और फाजिल्का में 14.5 मिमी (28% कम) बारिश दर्ज की गई। बरनाला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब और तरनतारन में बारिश सामान्य के करीब रही। चंडीगढ़ में सामन्य से कम बारिश चंडीगढ़ में पिछले 24 घंटे के दौरान 46.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। 1 जून से अब तक शहर में 206.6 मिमी मौसमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 14.7 प्रतिशत कम है। अगले पांच दिनों तक चंडीगढ़ में आसमान में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। भाखड़ा और पोंग बांध का जलस्तर डेंजर स्तर से नीचे 11 जुलाई को भाखड़ा बांध का जलस्तर 1574.92 फीट और पोंग बांध का जलस्तर 1320.80 फीट दर्ज किया गया। दोनों बांधों का जलस्तर फिलहाल उनके अधिकतम (डेंजर) स्तर से नीचे है। भाखड़ा बांध का अधिकतम जलस्तर 1680 फीट और पोंग बांध का 1390 फीट माना जाता है। 14,458 मेगावाट रही बिजली की मांग पंजाब में इस समय बिजली की मांग 14,458 मेगावाट है। राज्य को 9,308 मेगावाट बिजली मिलने का शेड्यूल था, लेकिन 9,500 मेगावाट बिजली ली जा रही है, यानी तय मात्रा से 192 मेगावाट अधिक। वहीं, पंजाब के बिजलीघरों से 4,992 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। मानसून कमजोर होने के 3 कारण



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