मोगा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी: चौथे दिन भी नहीं हुई सफाई, बदबू और बीमारियों के खतरे से लोग परेशान – Moga News

मोगा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी:  चौथे दिन भी नहीं हुई सफाई, बदबू और बीमारियों के खतरे से लोग परेशान – Moga News




मोगा नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले चार दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है और कई इलाकों में कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। इससे शहरवासियों, दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि पंजाब सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने में रुचि नहीं दिखा रही, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर के विभिन्न बाजारों और रिहायशी इलाकों में कूड़ा जमा होने लगा है। गर्मी और उमस के बीच कूड़े से उठ रही दुर्गंध लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।इस मुद्दे पर धर्म रक्षा सेवा मंच के संस्थापक प्रधान सोनू अरोड़ा ने सरकार से सफाई कर्मचारियों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सफाई कर्मचारियों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए सेवाएं दी थीं। ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। अरोड़ा बोले- गर्मी के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम अरोड़ा ने कहा कि शहर में पहले ही गर्मी के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम है। अब दुकानों के सामने लगे कूड़े के ढेर और बदबू के कारण व्यापारियों को अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक कूड़े को प्रशासनिक और सरकारी कार्यालयों के सामने डाला जाए, ताकि आम जनता को परेशानी न हो। वहीं, यूनियन नेताओं ने बताया कि 24 जून को पंजाब स्तर पर विरोध रैली आयोजित कर सरकार को चेतावनी दी गई थी। इसके बाद 2 जुलाई को सरकार के साथ बैठक हुई, लेकिन कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। इसी के विरोध में सफाई सेवक यूनियन पंजाब और एक्शन कमेटी पंजाब के आह्वान पर 8 जुलाई से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, शहरवासियों ने भी सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि शहर में स्वच्छता व्यवस्था बहाल हो सके और किसी संभावित बीमारी के फैलने का खतरा टाला जा सके।



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