इंस्टाग्राम पर फंसाकर जगराओं के जौहरी से लाखों ठगे: 36 अंगूठियां लेकर थमाया नकली सोना व कागज, नंबर देने पर भी पुलिस ने केस दर्ज करने में लगाए एक माह – Jagraon News
पंजाब के जगराओं में करीब एक महीने पहले एक प्रतिष्ठित जौहरी के साथ हुई 225.650 ग्राम सोने की सनसनीखेज ठगी के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शातिर ठगों ने पीड़ित जौहरी को विश्वास में लेकर लाखों रुपये की सोने की अंगूठियां उड़ा लीं और बदले में नकली सोने के बिस्कुट व कागज की रद्दी थमा दी। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित द्वारा आरोपियों के पुख्ता सुराग और मोबाइल नंबर दिए जाने के बावजूद पुलिस ने करीब एक महीने की लंबी जांच के बाद अब जाकर केवल ‘अज्ञात’ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि साइबर सेल की मदद से उन नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन खंगाली जा रही है और आरोपियों को जल्द ही ट्रेस कर लिया जाएगा। जानिए ठगी के पूरा खेल और कैसे जौहरी के साथ की ठगी 1-इंस्टाग्राम के जरिए बुना ठगी का जाल ठगी का यह खेल मोगा रोड स्थित मुख्य बाजार की ‘शुभम गोल्ड’ फर्म के संचालक के साथ हुआ। पीड़ित जौहरी के अनुसार, 26 मई 2026 को इंस्टाग्राम से अज्ञात व्यक्ति ने उनसे संपर्क साधा। उसने अपना नाम ‘राजेश जैन’ और राजस्थान के जोधपुर की एक नामी ज्वेलरी फर्म मालिक बताया। उसने जगराओं के जौहरी से 250 से 300 ग्राम वजन की सोने की अंगूठियां थोक में खरीदने की इच्छा जताई और बातचीत कर उनका भरोसा जीत लिया। 2-आरटीजीएस के बजाय सिक्योरिटी देने का झांसा शातिर आरोपी ने बैंक ट्रांसफर (RTGS) से भुगतान करने के बजाय एक नया पैंतरा चला। उसने कहा कि वह डील फाइनल करने के लिए सिक्योरिटी के तौर पर 24 कैरेट सोने के दो बिस्कुट और 5 लाख रुपये नकद भेजेगा। पूरी तरह भरोसे में आए जगराओं के जौहरी ने तुरंत ऑर्डर तैयार कर दिया, जिसमें 225.650 ग्राम कुल वजन की 36 आलीशान सोने की अंगूठियां शामिल थीं। 3-कर्मचारी को अलग-अलग जगह घुमाया 29 मई को मुख्य आरोपी ने जौहरी को फोन कर कहा कि उसका कर्मचारी डिलीवरी लेने लुधियाना पहुंच रहा है। इस पर जौहरी ने भी अपने कर्मचारी को अंगूठियों देकर सराफा बाजार भेजा। वहां आरोपियों ने कर्मचारी को काफी देर तक अलग-अलग स्थानों पर चक्कर कटवाए। आखिरकार रात करीब 8 बजे समराला चौक पर बुलाया। वहां एक बाइक पर तीन युवक पहुंचे और मुख्य आरोपी से फोन पर बात कराने के बाद अंगूठियों का पार्सल ले लिया। “माहौल खराब है, दुकान पर जाकर देखना”— जांच करने से रोका जब जौहरी के कर्मचारी ने समराला चौक पर ही आरोपियों द्वारा दिए गए पैकेट को खोलकर जांचने की कोशिश की, तो तीनों ठगों ने उसे डराते हुए कहा, “अभी माहौल बहुत खराब चल रहा है, सरेआम पैकेट खोलोगे तो कोई पीछे लग जाएगा। हम भी सुनार ही हैं, कोई दिक्कत हो तो बता देना। दुकान पर जाकर आराम से चेक कर लेना।” कर्मचारी उनके इस झांसे में आ गया और पैकेट लेकर वापस जगराओं लौट आया। अगली सुबह खुली पोल: बिस्कुट नकली, गड्डी में निकले सादे कागज अगली सुबह मुख्य संचालक की मौजूदगी में सीलबंद पैकेट खोला गया, तो स्टाफ के होश उड़ गए। सिक्योरिटी के तौर पर दिए गए दोनों सोने के बिस्कुट नकली (लोहे/पीतल की धातु) थे। 5 लाख रुपये की नकदी की जो गड्डियां दी गई थीं, उनमें केवल ऊपर और नीचे के नोट असली थे, जबकि बीच में 500 रुपये के नोट जैसे बॉर्डर वाले सफेद कागज ठूंस रखे थे। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत हेल्पलाइन नंबर 112 पर पुलिस को सूचित किया, लेकिन तब तक आरोपियों के फोन बंद हो चुके थे। नंबर होने के बाद भी एक महीने की देरी पर उठे सवाल सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित जौहरी ने वारदात के तुरंत बाद पुलिस को उन सभी मोबाइल नंबरों की सूची सौंप दी थी, जिन पर पिछले कई दिनों से लगातार बातचीत हो रही थी। इसके बावजूद जगराओं पुलिस को एफआईआर (FIR) दर्ज करने में करीब एक महीने का समय लग गया। स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने पुलिस की इस सुस्त कार्रवाई पर रोष जताया है।
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