केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने थाने पर हमले का लिया जायजा: पंजाब सरकार पर साधा निशाना, बोले- जब थाने ही सुरक्षित नहीं तो लोगों की क्या कहें – Moga News
मोगा के थाना सदर पर हुए हालिया हमले का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को आज भारी पुलिस बल का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें गांव दुनेके के पास रोके जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके विरोध में केंद्रीय मंत्री ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। भारी दबाव और तीखे विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा और उन्हें आगे जाने की अनुमति दी गई। “मुझे रोकने को पूरी पुलिस फौज लगा दी, कानून-व्यवस्था कौन सुधारेगा?” मोगा पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मीडिया से बातचीत में पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुझे रोकने के लिए सरकार ने डीएसपी, एसएचओ, एसपी और एसएसपी समेत भारी पुलिस बल तैनात कर दिया था। अगर सरकार इतनी मुस्तैदी और ताकत पंजाब की चरमराती कानून-व्यवस्था को संभालने में लगाती, तो आज सूबे के हालात ऐसे न होते।” “जब थाने ही सुरक्षित नहीं, तो आम जनता कैसे सुरक्षित रहेगी?” केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब में लगातार पुलिस थानों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे अब खुद पुलिसकर्मियों के भीतर भी डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। बिट्टू ने दावा किया कि पंजाब में अब तक लगभग 22 पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमले हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन वारदात के बाद भी आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार इन हमलों के मास्टरमाइंड और आरोपियों को पकड़ने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। उन्होंने कहा कि हर वारदात के बाद सिर्फ ‘जांच और पहचान’ का रोना रोया जाता है, लेकिन नतीजा सिफर (शून्य) रहता है। पुलिस का हो रहा है राजनीतिकरण, एसआईटी के जाल में उलझाया रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब पुलिस के अधिकारियों की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य की पुलिस बेहद सक्षम और काबिल है। हालांकि, उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इस बल की क्षमता का सही इस्तेमाल करने के बजाय उन्हें राजनीतिक द्वेष और अपने निजी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस को अपराधियों को पकड़ने की खुली छूट देने के बजाय एसआईटी (SIT) के चक्रव्यूह और राजनीतिक कार्यों में उलझाकर रख दिया गया है। हालात यह कि प्रदेश की कानून व्यवस्था बदहाल होती जा रही हैष। मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधा निशाना साधा, जिनके पास राज्य के गृह मंत्रालय का प्रभार भी है। बिट्टू ने कहा कि गृह मंत्री के तौर पर भगवंत मान हर मोर्चे पर विफल रहे हैं, इसलिए उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। मीडिया से अपील और बीजेपी का संघर्ष का संकल्प रवनीत सिंह बिट्टू ने मीडिया जगत से भी अपील की कि वे पंजाब के मौजूदा हालातों और जनता के सामने आ रही सच्चाई को बिना किसी डर के बेझिझक उजागर करें। उन्होंने साफ किया कि भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता पंजाब के लोगों की सुरक्षा और अमन-चैन के लिए प्रतिबद्ध है। इस मुद्दे को लेकर बीजेपी सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाकर दम लेगी।
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