खन्ना में दूसरी बार टूटा पक्का नहरी रजवाहा: 70 एकड़ धान और पनीरी जलमग्न, किसानों ने मांगा मुआवजा – Khanna News
खन्ना के गांव नसराली के पास एक नया पक्का नहरी रजवाहा टूट गया। इस घटना से आसपास के खेतों में पानी फैल गया, जिससे 70 एकड़ से अधिक धान की फसल और धान की नर्सरी (पनीरी) पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। यह रजवाहा इसी स्थान से दूसरी बार टूटा है, जिसे भूजल संरक्षण और खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया गया था। किसानों ने नहर विभाग और निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार द्वारा इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि रजवाहा टूटने का मुख्य कारण संकरा मोघा (निकास) और पानी का तेज बहाव है। पीछे से आने वाला अधिक दबाव का पानी संकरे मोघे से ठीक से नहीं निकल पाता, जिससे यह दूसरी बार टूटा। किसान नेता बोले- ये गंभीर लापरवाही किसान नेता जसवंत सिंह नसराली ने इसे गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि उनकी तैयार पनीरी पूरी तरह नष्ट हो गई है। प्रभावित किसानों, जिनमें जसवीर सिंह जस्सी, जिंदर सिंह, लखवीर सिंह लख्खी, दिलप्रीत बैदवान और बिल्ला ईसड़ू शामिल हैं, ने बताया कि उन्हें दोबारा पनीरी तैयार करने, खाद, दवाइयों, धान की रोपाई और अन्य खर्च फिर से उठाने पड़ेंगे, जिससे उन पर भारी आर्थिक बोझ आ गया है। प्रभावित किसानों ने नहर विभाग से तत्काल विशेष गिरदावरी कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की कि बार-बार टूट रहे इस नहरी रजवाहे की स्थायी और मजबूत मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में किसानों को इस तरह के नुकसान का सामना न करना पड़े। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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