चंडीगढ़ सिलेंडर ब्लास्ट केस: हाईकोर्ट में स्टोर संचालक की अग्रिम जमानत खारिज , कहा- बेहद गंभीर मामला, तीन लोगों की जान गई है – Chandigarh News

चंडीगढ़ सिलेंडर ब्लास्ट केस:  हाईकोर्ट में स्टोर संचालक की अग्रिम जमानत खारिज , कहा- बेहद गंभीर मामला, तीन लोगों की जान गई है – Chandigarh News




चंडीगढ़ में अवैध रूप से गैस सिलिंडर भरने के दौरान हुए विस्फोट पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने विभागीय स्टोर संचालक को राहत देने से इनकार कर दिया। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह गंभीर प्रकृति का मामला है, जिसमें अवैध गतिविधि के कारण तीन लोगों की जान गई। जस्टिस परमोद गोयल की पीठ ने विजय कुमार पोद्दार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि मामला गंभीर है। अवैध तरीके से गैस सिलिंडर भरने के दौरान हुए धमाके में न सिर्फ संपत्ति का नुकसान हुआ, बल्कि तीन लोगों की जान भी चली गई। 18 सिलेंडर हुए थे बरामद अदालत के अनुसार, विस्फोट में मुन्ना, महेश और गोपी नामक तीन लोगों की मौत हुई थी। तीनों उसी भवन से सटे कमरे में रहते थे, जहां अवैध रूप से गैस सिलिंडर भरने का काम किया जा रहा था। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस तथ्य को भी महत्वपूर्ण माना कि उस कमरे से 18 गैस सिलिंडर और छह नोजल बरामद किए गए थे। इस मामले में सेक्टर-34 साउथ थाना पुलिस ने 26 मई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 326(जी), 124(1) और 105 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। याचिकाकर्ता बोला- मैं भी हादसे का शिकार याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में कहा गया कि वह एक विभागीय स्टोर चलाता है और इस हादसे में वह खुद भी गंभीर रूप से झुलस गया था। घटना के बाद उसका इलाज सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुआ और फिलहाल जीरकपुर के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। उसके वकील ने दलील दी कि गंभीर चोटों के कारण वह हस्ताक्षर तक नहीं कर पा रहा है। उसका घटना से कोई संबंध नहीं है और उसे गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है। हाईकोर्ट का जमानत देने से इनकार वहीं, चंडीगढ़ पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि हादसा उस समय हुआ, जब याचिकाकर्ता अपने कब्जे वाले कमरे में अवैध रूप से गैस सिलिंडर भर रहा था। मौके से बड़ी संख्या में गैस सिलिंडर और उपकरण बरामद हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता, तीन लोगों की मौत और कमरे से हुई बरामदगी को देखते हुए अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता। इसी के साथ अदालत ने विजय कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *