बेल्जियम ने सेनेगल को 3-2 से हराया: 86वें मिनट तक 0-2 से पीछे था, आखिरी 4 मिनट में स्कोर बराबर, एक्स्ट्रा टाइम में विनिंग गोल
बेल्जियम ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में गुरुवार को 86वें मिनट तक दो गोल से पिछड़ने के बावजूद एक्स्ट्रा टाइम में सेनेगल को 3-2 से हराया। अब उसका मुकाबला मेजबान अमेरिका से होगा। अमेरिकी टीम ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 2-0 से हराया। सिएटल स्टेडियम में बेल्जियम के रोमेलु लुकाकू ने 86वें मिनट में पहला गोल किया। फिर यूरी टिलेमंस ने 89वें मिनट में बराबरी दिलाई। उन्होंने एक्स्ट्रा टाइम में 125वें मिनट में पेनल्टी पर विनिंग गोल किया। इससे पहले बेल्जियम ने 2018 वर्ल्ड कप नॉकआउट में जापान के खिलाफ 0-2 से पिछड़कर 3-2 से जीत हासिल की थी। इधर, सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में अमेरिका की ओर से फोलारिन बालोगुन ने 45वें मिनट में गोल किया और हाफ टाइम से पहले टीम को 1-0 से आगे कर दिया। उन्हें 64वें मिनट में रेड कार्ड दिखया गया। ऐसे में मालिक टिलमैन ने 82वें मिनट में गोल किया। मैच रिपोर्ट पढ़िए बेल्जियम Vs सेनेगल सेनेगल ने 2-0 की बढ़त ली, लुकाकू-टिलेमंस ने पलटा मैच सेनेगल ने 25वें मिनट में हबीब डियारा के गोल से बढ़त बनाई। 51वें मिनट में इस्माइला सार ने मौसा नियाखाते की लंबी पास को नियंत्रित करते हुए गोल दागा और स्कोर 2-0 कर दिया। यह सार का मौजूदा वर्ल्ड कप में चौथा गोल रहा। दूसरे हाफ में बतौर सब्स्टीट्यूट उतरे रोमेलु लुकाकू ने 86वें मिनट में गोल कर बेल्जियम की वापसी की शुरुआत की। इसके तीन मिनट बाद कप्तान यूरी टिलेमंस ने बराबरी का गोल दागकर मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा दिया। मैच पेनल्टी शूटआउट में जाता दिख रहा था, तभी अतिरिक्त समय के अंतिम क्षणों में लैमिन कमारा ने टिलेमंस को बॉक्स के भीतर धक्का दिया। वीडियो रिव्यू के बाद रेफरी ने पेनल्टी दी। टिलेमंस ने दबाव में शानदार गोल करते हुए बेल्जियम को 3-2 की ऐतिहासिक जीत दिला दी। एजेंसी रिपोर्ट के अनुसार यह वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे देर से हुआ निर्णायक गोल है। पेनल्टी फैसले पर सेनेगल की नाराजगी पेनल्टी दिए जाने के बाद सेनेगल के खिलाड़ियों ने रेफरी के फैसले का विरोध किया। डिफेंडर पाथे सिस पेनल्टी स्पॉट पर लेट गए, जबकि अन्य खिलाड़ी भी रेफरी से बहस करते रहे। सेनेगल के कोच पापे थियाव ने कहा, ‘हमें नहीं लगा कि यह पेनल्टी थी। खिलाड़ियों ने फैसले का विरोध किया, लेकिन निर्णय हो चुका था और अंततः उसी की वजह से हम टूर्नामेंट से बाहर हो गए।’ अमेरिका Vs बोस्निया-हर्जेगोविना 10 खिलाड़ियों के साथ अमेरिका की दमदार जीत फोलारिन बालोगुन ने मैच की शुरुआत से ही अटैक किया। उनका एक गोल ऑफसाइड के कारण अमान्य कर दिया गया, लेकिन पहले हाफ के इंजुरी टाइम में उन्होंने मलिक टिलमैन के थ्रू बॉल पर मिले मौके को शानदार तरीके से गोल में बदलकर अमेरिका को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद भी बालोगुन दूसरे गोल के करीब पहुंचे, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार से टकरा गया।
बालोगुन को रेड कार्ड, 10 प्लेयर्स के साथ खेली टीम अमेरिका को 64वें मिनट में बड़ा झटका लगा, जब स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को VAR समीक्षा के बाद तारिक मुहरेमोविच पर खतरनाक टैकल के लिए रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बावजूद टीम ने संयम बनाए रखा और मुकाबला अपने नाम किया। 82वें मिनट में अमेरिका को फ्री-किक मिली। मलिक टिलमैन ने बेहतरीन शॉट लगाते हुए गेंद को सीधे नेट में पहुंचा दिया और स्कोर 2-0 कर दिया। इससे थोड़ी देर पहले क्रिश्चियन पुलिसिक का गोल ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिया गया था।
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