लुधियाना में स्नान कर भगवान जगन्नाथ बीमार हुए: काढ़े से इलाज हो रहा, 15 दिन दर्शन नहीं देंगे; 16 जुलाई को रथयात्रा निकलेगी – Ludhiana News
ओडिशा के पुरी की तरह लुधियाना में भी जगन्नाथ यात्रा करीब 35 वर्षों से निकाली जा रही है। इसके सभी कार्यक्रम ठीक उसी दिन और उसी हिसाब से किए जाते हैं, जैसे पुरी में होते हैं। उसके मुताबिक, सोमवार को भगवान जगन्नाथ को पवित्र स्नान कराया गया। उनके साथ बहन सुभद्रा जी और बड़े भाई बलभद्र को भी स्नान कराया गया। अब भगवान जगन्नाथ अगले 15 दिनों तक अस्वस्थ (बीमार) रहेंगे। वह एकांतवास में रहेंगे और भक्तों को उनके दर्शन नहीं होंगे। रथयात्रा के एक दिन पहले उन्हें विश्राम कक्ष से निकाला जाएगा। लुधियाना चंद्र नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में यह परंपरा ओडिशा से आए लोगों ने ही शुरू की। इसके बाद से यह परंपरा यहां लगातार चली आ रही है और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण बनी हुई है। इसमें श्री जगन्नाथ मंदिर समिति इनका पूरा सहयोग करती है। मंदिर कमेटी प्रधान ने परंपरा की यह जानकारी दी ओडिशा के लोगों का विशेष योगदान समिति प्रधान ने बताया कि इस पूरे भव्य आयोजन और मंदिर की व्यवस्था का जिम्मा जगन्नाथ मंदिर समिति ही श्रद्धा और समर्पण के साथ उठा रही है। मंदिर में ओडिशा की संस्कृति की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। यहां तक कि मंदिर की सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं में मुख्य रूप से ओडिशा के ही लोग लगे हुए हैं। उनकी उपस्थिति और सेवा भाव से यहां आने वाले भक्तों को एकदम जगन्नाथ पुरी में होने का एहसास होता है। लुधियाना का यह मंदिर उत्तर भारत में आस्था का एक ऐसा प्रमुख केंद्र बन गया है, जहां दूर-दूर से लोग भगवान जगन्नाथ के साक्षात स्वरूप और पुरी की तर्ज पर होने वाली इन पवित्र रस्मों के दर्शन करने आते हैं।
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