पाटियाला में पावरकॉम आउटसोर्स कर्मियों ने लगाया जाम: सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, देर शाम तक डटे प्रदर्शनकारी, ट्रैफिक डायवर्ट – Patiala News

पाटियाला में पावरकॉम आउटसोर्स कर्मियों ने लगाया जाम:  सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, देर शाम तक डटे प्रदर्शनकारी, ट्रैफिक डायवर्ट – Patiala News




पंजाब के बिजली विभाग (पावरकॉम और ट्रांसको) में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को पटियाला के दिल कहे जाने वाले फव्वारा चौक पर विशाल रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान उग्र कर्मचारियों ने चौक के चारों ओर चक्का जाम कर दिया, जिससे प्रांतीय राजधानी की यातायात व्यवस्था कई घंटों तक पूरी तरह चरमरा गई। इस आंदोलन की खास बात यह रही कि इसमें पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों ने भी अपनी हाजिरी भरी। पंजाब सरकार और पावरकॉम मैनेजमेंट के खिलाफ एकजुट हुए इन कर्मियों के अचानक रोड ब्लॉक करने से आम जनता और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फव्वारा चौक पर वाहनों के पहिये थमने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ट्रैफिक को वैकल्पिक व लिंक मार्गों की तरफ डायवर्ट किया गया। सरकार और पावरकॉम पर ‘वादाखिलाफी’ का आरोप प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने पंजाब सरकार और पावरकॉम प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए गंभीर आरोप लगाए। यूनियन नेताओं ने कहा कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनके साथ लगातार सौतेला व्यवहार कर रही है। कर्मचारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं: विभाग में कॉन्ट्रैक्ट आधारित व्यवस्था (CHB) को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। मांगों से जुड़े वादों का आधिकारिक नोटिफिकेशन (अधिसूचना) तुरंत जारी हो। सालों से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे बिजली विभाग के अधीन मर्ज (शामिल) किया जाए। नेताओं ने रोष जताते हुए कहा कि उन्हें पहले भी कई बार केवल खोखले आश्वासन देकर शांत करा दिया गया, लेकिन इस बार वे लिखित आदेश और ठोस निर्णय के बिना पीछे नहीं हटेंगे। किसान यूनियनों के साथ ‘पक्के मोर्चे’ की चेतावनी कर्मचारी यूनियन के मुख्य नेताओं ने मुख्यमंत्री के शहर पटियाला में सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी जायज मांगों को बिना किसी देरी के पूरा नहीं किया गया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और उग्र रूप धारण करेगा। उन्होंने साफ किया कि आगामी रणनीति के तहत वे पंजाब के अन्य बड़े कर्मचारी संगठनों और किसान यूनियनों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं। मांगें न माने जाने की सूरत में पटियाला में ही सरकार के खिलाफ एक विशाल ‘पक्का मोर्चा’ (अनिश्चितकालीन धरना) लगा दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और पावरकॉम मैनेजमेंट की होगी।



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