फरीदकोट रजवाहे में डूबे युवक का शव बरामद: धान की रोपाई के बाद साथियों के साथ नहाते गया था, 20 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन – Faridkot News

फरीदकोट रजवाहे में डूबे युवक का शव बरामद:  धान की रोपाई के बाद साथियों के साथ नहाते गया था, 20 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन – Faridkot News




फरीदकोट जिले के अंतर्गत आते जैतो उपमंडल के गांव मत्ता में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पास के रजवाहे (नहर की शाखा) में नहाने उतरे 21 वर्षीय नौजवान सतजिंदर सिंह की पानी के तेज बहाव में डूबने से मौत हो गई। करीब 20 घंटे तक चले कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सोमवार को उसका शव बरामद किया गया। इस हादसे के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को गांव मत्ता के 10 युवक खेतों में धान की रोपाई (लाने) का काम कर रहे थे। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से परेशान होकर इनमें से 9 युवक पास ही से गुजर रहे रजवाहे में नहाने के लिए उतर गए। नहाते समय अचानक पानी का बहाव तेज होने के कारण सतजिंदर सिंह (पुत्र बलजिंदर सिंह) का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में बहने लगा। साथ में नहा रहे दोस्तों ने उसे बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण वे असफल रहे। 20 घंटे सर्च ऑपरेशन के बाद मिला शव घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाजसेवी संस्था ‘चढ़दी कला सेवा सोसायटी’ के सदस्य मौके पर पहुंचे। गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। लगातार करीब 20 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार को सतजिंदर सिंह का शव रजवाहे से बाहर निकाला जा सका, जिसे पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। बीए पास था युवक, घर चलाने के लिए करता था मजदूरी मृतक युवक के पिता बलजिंदर सिंह ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा पढ़ाई-लिखाई में होनहार था और उसने बीए (BA) तक की शिक्षा पूरी की थी। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वह नौकरी न मिलने पर खेतों में मजदूरी और धान लगाने का काम करके परिवार का सहारा बन रहा था। पिता ने भावुक होते हुए कहा कि उनका बेटा आमतौर पर नहरों और रजवाहों से दूर रहता था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पिता ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की गहनता से जांच करने की मांग की है। इस दुखद हादसे के बाद गांव मत्ता में हर आंख नम है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि ऐसे खुले नहरों और रजवाहों के किनारों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और मां का लाल इस तरह असमय काल के गाल में न समाए।



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