ममता जो सीट हारीं, वहां EVM-VVPAT सुरक्षित रखने का आदेश: हाईकोर्ट बोला- जरूरत पड़ने पर जांच होगी; भवानीपुर में शुभेंदु 15,000 वोटों से जीते थे

ममता जो सीट हारीं, वहां EVM-VVPAT सुरक्षित रखने का आदेश:  हाईकोर्ट बोला- जरूरत पड़ने पर जांच होगी; भवानीपुर में शुभेंदु 15,000 वोटों से जीते थे


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कोलकाताकुछ ही क्षण पहले

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ममता बनर्जी ने 16 मई को कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचकर अपनी हार के खिलाफ याचिका लगाई थी।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट में मतगणना से जुड़े सभी अहम साक्ष्य सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। अदालत ने रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोपों पर सुनवाई कहा कि EVM, VVPAT, CCTV फुटेज और अन्य संबंधित रिकॉर्ड संरक्षित रखे जाएं।

कोर्ट ने कहा- जरूरत पड़ने पर इन सभी साक्ष्यों की जांच होगी। इसके साथ ही जस्टिस गौरांग कांत ने शेखावाटी मेमोरियल स्कूल में बनाए गए मतगणना केंद्र के अंदर और बाहर लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज भी सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया।

अदालत ने मामले में सभी संबंधित पक्षों को शामिल करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत मुख्यमंत्री शुभेंदु उनके सलाहकार सुभ्रत गुप्ता और सुनील अग्रवाल को पक्षकार बनाने का आदेश दिया गया है। भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व CM ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था।

16 जून : ममता ने अपनी हार को चुनौती दी, कहा- मेरे साथ मारपीट हुई

4 मई को ममता काउंटिंग सेंटर पहुंचीं थीं। उन्होंने बाहर आकर अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया था।

4 मई को ममता काउंटिंग सेंटर पहुंचीं थीं। उन्होंने बाहर आकर अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया था।

ममता बनर्जी ने 16 जून को भवानीपुर सीट के चुनावी नतीजे को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। ममता खुद याचिका दाखिल करने हाईकोर्ट पहुंचीं और रिजल्ट की वैधता की जांच करने की मांग की।

उन्होंने याचिका में कहा कि चुनाव गलत तरीके से हुआ है। 12 राउंड की काउंटिंग के बाद इलेक्शन एजेंट और मुझे पीटा गया और बाहर कर दिया गया। भवानीपुर सीट से ममता तीन बार विधायक रह चुकी हैं। चुनाव के दौरान उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी और अपने साथ मारपीट के आरोप भी लगाए थे।

3 मई: रिजल्ट से एक दिन पहले ममता 4 घंटे स्ट्रॉन्गरूम में रहीं

4 मई को बंगाल विधानसभा के रिजल्ट आए थे। एक दिन पहले 3 मई को काउंटिंग सेंटर के बाहर हंगामा हुआ था। TMC कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि BJP के झंडे वाली कार को बिना जांच के भवानीपुर के स्ट्रॉन्गरूम परिसर में एंट्री दी गई। इस दौरान ममता करीब 4 घंटे स्ट्रॉन्गरूम में रहीं।

ममता ने मतगणना के दिन आरोप लगाया कि राज्य की कई सीटों पर जानबूझकर मतगणना रोकी गई। भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। ममता ने दावा किया कि केंद्रीय बलों और भाजपा के दबाव में काम हो रहा है।

शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की 3 मई की रात स्ट्रॉन्गरूम में मौजूद होने की तस्वीर शेयर की थी।

शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की 3 मई की रात स्ट्रॉन्गरूम में मौजूद होने की तस्वीर शेयर की थी।

रिजल्ट से एक दिन पहले 3 मई को ममता सखावत मेमोरियल स्कूल में बने स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंचीं थीं। वे यहां करीब 4 घंटे रुकी थीं।

रिजल्ट से एक दिन पहले 3 मई को ममता सखावत मेमोरियल स्कूल में बने स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंचीं थीं। वे यहां करीब 4 घंटे रुकी थीं।

4 मई: ममता बोलीं थीं- मुझे धक्का दिया, मारा-पीटा

ममता 4 मई को शेखावाटी मेमोरियल स्कूल में काउंटिंग सेंटर पर पहुंची थी। कुछ देर वहां रहने के बाद उन्होंने बाहर आकर कहा था कि उनके पोलिंग एजेंट को जबरन बाहर निकाला गया। ममता का आरोप था कि उन्हें धक्का दिया गया और मारा पीटा गया। साथ ही काउंटिंग सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उन्होंने कहा था।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा था- ममता ड्रामेबाजी कर रहीं

शुभेंदु अधिकारी ने ममता के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि ममता ड्रामेबाजी कर रही हैं और इससे चुनाव परिणाम नहीं बदलने वाला। शुभेंदु ने कहा था कि ममता हार की आशंका से परेशान हैं और ईवीएम से जुड़े आरोप निराधार हैं।

भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी 15 हजार से ज्यादा वोटों से जीते थे।

भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी 15 हजार से ज्यादा वोटों से जीते थे।

बंगाल में भाजपा पहली बार जीती

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित हुए थे। भाजपा ने 208 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 80 सीटें मिली थीं। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री बने थे।

2021: नंदीग्राम में शुभेंदु से हार के बाद भी ममता हाईकोर्ट पहुंचीं थीं

शुभेंदु अधिकारी ने 2021 में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को करीब 1,956 वोटों से हराया था। 17 जून 2021 को ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। इसमें नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी की जीत को चुनौती दी। रिजल्ट के बाद टीएमसी ने रीकाउंटिंग की मांग की थी, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे स्वीकार नहीं किया था।

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