मानसा में सीएम के कार्यक्रम का विरोध करेंगे NHM कर्मी: 24 को ‘लोक मिलनी’ में काले झंडे दिखाएंगे, 2 जुलाई को संगरूर में प्रदर्शन – Mansa News

मानसा में सीएम के कार्यक्रम का विरोध करेंगे NHM कर्मी:  24 को ‘लोक मिलनी’ में काले झंडे दिखाएंगे, 2 जुलाई को संगरूर में प्रदर्शन – Mansa News




पंजाब में अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ अपने संघर्ष को और तेज करने का फैसला किया है। मानसा सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर लगातार धरने पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों ने अब सीधे मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रमों का विरोध करने और उनके आवास को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। कर्मचारी नेताओं ने घोषणा की है कि मानसा जिले के गांव धर्मपुरा में 24 जून को होने वाले मुख्यमंत्री के ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम का वे पुरजोर विरोध करेंगे। इस दौरान पूरे संवर्ग के कर्मी मुख्यमंत्री भगवंत मान को काली झंडियां दिखाकर अपना रोष प्रकट करेंगे। इसके साथ ही, कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंकते हुए 2 जुलाई को संगरूर स्थित मुख्यमंत्री आवास (CM हाउस) का घेराव करने का भी बड़ा ऐलान कर दिया है। ‘चुनाव से पहले किया वादा भूल गई सरकार’ — कर्मचारियों का आरोप सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के प्रति गहरा गुस्सा जताया। उन्होंने कहा कि वे पिछले लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और इस दौरान सरकारी अधिकारियों व पैनल के साथ उनकी कई बैठकें भी हो चुकी हैं, जो बेनतीजा रहीं। कर्मचारी नेताओं ने याद दिलाया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले खुद भगवंत मान ने एनएचएम कर्मचारियों से वादा किया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही सभी कच्चे (संविदा) कर्मचारियों को तुरंत पक्का (नियमित) किया जाएगा। उनकी सभी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। चार साल बीते, पर नहीं हुई कोई कार्रवाई प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार का चार साल से अधिक का कार्यकाल बीत चुका है, लेकिन कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने या उनकी अन्य मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सरकार के इसी ढुलमुल और उपेक्षित रवैये के कारण आज स्वास्थ्य कर्मी सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनके नियमितीकरण और अन्य मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक उनके ये तीखे विरोध प्रदर्शन और आंदोलन का सिलसिला इसी तरह लगातार जारी रहेगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *