अंडरगारमेंट्स में मोबाइल लेकर NEET एग्जाम देने पहुंची छात्रा: MBBS स्टूडेंट्स एग्जाम देते अरेस्ट; 9 पसलियां टूटने के बाद भी सृष्टि ने दी परीक्षा

अंडरगारमेंट्स में मोबाइल लेकर NEET एग्जाम देने पहुंची छात्रा:  MBBS स्टूडेंट्स एग्जाम देते अरेस्ट; 9 पसलियां टूटने के बाद भी सृष्टि ने दी परीक्षा


4 मिनट पहले

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रविवार 21 जून यानी को NEET का दोबारा एग्जाम हुआ। इस दौरान जहां बिहार में एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ। वहीं एक छात्रा अंडरगारमेंट्स में मोबाइल के साथ एग्जाम हॉल में पकड़ी गई।

NEET को लेकर कैंडिडेट्स का जूनून इस हद तक है कि एक छात्रा ने अपनी नौ पसलियां टूटने के बाद भी विशेष कक्ष में तमाम इंतजाम के बाद यह परीक्षा दी।

अंडरगारमेंट्स में मोबाइल लेकर एग्जाम देने पहुंची

21 जून को जयपुर के बिंदायका क्षेत्र स्थित एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने पहुंची एक छात्रा को मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया। आरोप है कि छात्रा ने मोबाइल को अंडरगारमेंट्स में छिपाकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया था। उसने परीक्षा खत्म होने से करीब 15 मिनट पहले प्रश्नपत्र की फोटो भी ले ली थी। परीक्षा के दौरान छात्रा अपने मोबाइल से सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश कर रही थी।

छात्रा के स्कूल के एंट्री गेट से एग्जाम हॉल तक जांच के दौरान 2 बार मेटल डिटेक्टर ने अलर्ट दिया था। लेकिन उसने ये कह कहकर गुमराह किया कि अंडरगारमेंट्स के हुक के कारण अलर्ट आ रहा है। छात्रा तीसरी बार NEET एग्जाम दे रही थी। अगर इस छात्रा पर द पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024 के तहत मामला दर्ज हुआ और दोषी पाया गया तो 5 साल की सजा और 10 लाख जुर्माने का प्रावधान है।

नौ पसलियां टूटी फिर भी एग्जाम देने पहुंची सृष्टि

देशभर में आयोजित NEET UG 2026 री-एग्जाम के बीच कोलकाता की छात्रा सृष्टि दुबे का नाम चर्चा में है। गंभीर सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल होने और बड़ी सर्जरी से गुजरने के बावजूद सृष्टि ने हार नहीं मानी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सृष्टि के लिए विशेष सुविधाएं मुहैया कराई और सृष्टि ने अलग कमरे, मेडिकल सहायता और एम्बुलेंस की सुविधा के साथ परीक्षा दी।

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गंभीर स्वास्थ्य समस्या से गुजरने के बाद भी सृष्टि ने अपने पिता से कहा कि वह हर हाल में NEET परीक्षा देना चाहती हैं। बेटी के इस संकल्प को देखते हुए उनके पिता शीशराम दुबे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेटर लिखकर मदद मांगी। उन्होंने अनुरोध किया कि सृष्टि को मेडिकल उपकरणों और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ परीक्षा देने की अनुमति दी जाए। उनकी बात को मानते हुए सृष्टि के लिए एग्जाम सेंटर पर ग्राउंड फ्लोर में खास व्यवस्था की गई।

22 लाख छात्रों ने दी एग्जाम

एनटीए के अनुसार इस बार करीब 22 लाख उम्मीदवारों ने NEET की परीक्षा दी। एनटीए के मुताबिक, 95,000 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के सख्त इंतजाम किये गये हैं। परीक्षा केंद्रों पर 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे और 51,311 जैमर लगाए गए हैं।

परीक्षा देते मेडिकल स्टूडेंट्स अरेस्ट

असली परीक्षार्थियों के बजाय मेडिकल स्टूडेंट NEET की एग्जाम देते हुए अरेस्ट हुए। यह डील 30-40 लाख में तय की गई। पुलिस ने इस मामले में गैंग के सरगना और पीएमसीएच गयाजी मेडिकल कॉलेज, AIIMS रायबरेली, BHU के मेडिकल स्टूडेंट्स सहित 24 लोगों को गिरफ्तार किया है।

इनमें एग्जाम के दौरान छात्रों का फिंगरप्रिंट लेने वाली बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारी भी थे। इन आरोपियों के पास से मोबाइल और अन्य डॉक्यूमेंट्स बरामद हुए हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कहानी की शुरुआत एक संदिग्ध व्यक्ति से हुई, जो परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी के रूप में मौजूद था। उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ तो जांच शुरू हुई।

उसकी पहचान पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) के थर्ड ईयर के MBBS स्टूडेंट्स मयंक कश्यप के रूप में हुई। जांच एजेंसियों को यहीं से पहली बड़ी सफलता मिली। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने कई अन्य परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की और देखते ही देखते पूरा नेटवर्क सामने आया। गया स्थित ANMMCH के मेडिकल छात्र अर्पित राज को जांच एजेंसियां इस नेटवर्क का प्रमुख चेहरा मान रही हैं। अर्पित राज का नाम इससे पहले भी चर्चाओं में आ चुका है। पिछले वर्ष NEET पेपर लीक मामले की जांच के दौरान केंद्रीय एजेंसियां उससे पूछताछ कर चुकी थीं। अब एक बार फिर उसका नाम सामने आने से जांच एजेंसियां पुराने मामलों के रिकॉर्ड भी खंगाल रही हैं।

मेडिकल कॉलेजों की कोशिश भी नाकाम

सूत्रों के मुताबिक NEET परीक्षा के दौरान कई मेडिकल कॉलेजों ने अपने छात्रों को परिसर से बाहर न जाने की सलाह दी थी। कुछ संस्थानों में छात्रों को व्यस्त रखने के लिए सेमिनार, शैक्षणिक गतिविधियां और क्विज कार्यक्रम तक आयोजित किए गए। इसके बावजूद कुछ छात्र कॉलेज से बाहर निकल गए। जांच में सामने आया कि एक आरोपी छात्र ने बीमारी का बहाना बनाकर कॉलेज छोड़ा और बाद में लखीसराय में पकड़ा गया।

एग्जाम से पहले नकल रोकने और पेपर लीक से बचने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन ने एक एडवाइजरी जारी की थी। इसमें कहा गया है कि MBBS समेत अन्य मेडिकल स्टूडेंट्स को 20 और 21 जून को छुट्टियां न दी जाएं। हालांकि अगर कोई स्टूडेंट इमर्जेंसी के चलते लीव लेता है तो उसे छुट्‌टी दी जा सकती है। लेकिन इस मामले में भी उचित कारण होने पर ही स्टूडेंट्स को छुट्टी दी जाएगी।

पेपर लीक के बाद रद्द हुआ था एग्जाम

21 जून को NEET री-एग्जाम से पहले 3 मई को NEET यूजी 2026 का आयोजन किया गया था, लेकिन पेपर लीक सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने NEET यूजी 2026 को रद्द कर दिया गया था।

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