जालंधर में दो कांग्रेसी पार्षद पुलिस पर हमले में गिरफ्तार: कोर्ट के आदेश पर रिहा, विवाद के दौरान मारपीट और वर्दी फाड़ने का आरोप – Nakodar News
जालंधर के नूरमहल पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले खटिका मोहल्ला में दिवाली के मद्देनजर निकाले जा रहे फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस टीम पर हमला करने और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस हिंसक झड़प के मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दो स्थानीय कांग्रेसी पार्षदों राकेश कलेर और जंग बहादुर कोहली को नामजद कर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि न्यायालय के आदेश पर दोनों पार्षदों को रिहा कर दिया गया। नूरमहल पुलिस स्टेशन के एसएचओ (SHO) गुरशरण सिंह ने बताया कि एसआई दिलबाग सिंह (थाना सदर नकोदर) और एसआई हरमिंदर सिंह (थाना सिटी नकोदर) अपनी-अपनी पुलिस टीमों के साथ क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए फ्लैग मार्च निकाल रहे थे। तभी एक राहगीर ने सूचना दी कि खटिका मोहल्ला के पास सड़क पर कुछ गुट आपस में बुरी तरह लड़ रहे हैं। वे लोह मौके पर पहुंचे तो वहां पुरुष और महिलाएं आपस में खूनी संघर्ष कर रहे थे और कुछ लोग गंभीर रूप से घायल थे। भीड़ ने पुलिस को घेरा, एएसआई की फाड़ी वर्दी पुलिस कर्मियों ने जब दोनों पक्षों को शांत कराने और बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद शरारती तत्वों और अज्ञात लोगों की भीड़ पुलिस दल पर ही हावी होने लगी। पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने के बावजूद, भीड़ में शामिल कुछ पुरुषों और महिलाओं ने पीछे से हमला कर दिया। पुलिस दल के बीच खड़े एएसआई जय गोपाल (नंबर 462) और हेड कांस्टेबल जसवीर सिंह (नंबर 633) को पीछे से जोरदार धक्का दिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस धक्का-मुक्की और हाथापाई में उपद्रवियों ने एएसआई जय गोपाल की सरकारी वर्दी तक फाड़ डाली। पुलिस को भारी पड़ता देख हमलावर मौके से फरार हो गए, जिस दौरान भगदड़ मचने से भी कुछ लोग चोटिल हुए। पुलिस ने सरकारी काम में सरेआम बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने पर BNS की धारा 132, 221, 121(1), 191(3), और 190 के तहत केस दर्ज किया है।
नेताओं की गिरफ्तारी से राजनीतिक हलचल तेज जांच के दौरान इस हमले और हुड़दंग में संलिप्तता पाए जाने पर पुलिस ने दो कांग्रेसी पार्षदों राकेश कलेर और जंग बहादुर कोहली को मामले में नामजद किया। दोनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के बाद माननीय अदालत के आदेश पर उन्हें रिहा कर दिया गया। इस घटना के बाद से इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, और पुलिस फरार आरोपियों की पहचान के लिए लगातार तफ्तीश कर रही है।
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